अब छात्रावासों की रैंकिंग में भी सीहोर जिले ने बाजी मारी, प्रदेश में पाया प्रथम स्थान

सीहोर। सीहोर जिला लगातार अपनी उपलब्धियों को लेकर चर्चाओं में हैं। कलेक्टर प्रवीण सिंह के नवाचारों के बाद अब उनकी प्रशासनिक क्षमता का लाभ भी सीहोर जिले को मिल रहा है। यही कारण है कि सीहोर जिला कई क्षेत्रों में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है। कलेक्टर प्रवीण सिंह के नेतृत्व में जहां सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में सीहोर जिले में बाजी मारी थी तो वहीं अब प्रारंभिक शिक्षा के लिए संचालित छात्रावासों की सत्र 2022-23 की रैंकिंग में भी सीहोर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कार्यक्रम के तहत प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा एवं छात्रावासों की सत्र 2022- 23 की रैंकिंग जारी की गई। इसमें सीहोर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि कलेक्टर प्रवीण सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत आशीष तिवारी के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में प्राप्त हुई है। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक आरआर उईके सहित छात्रावास अधीक्षक एवं उनकी पूरी टीम तथा अध्ययनरत बालिकाओं को बधाई दी है।
सर्व शिक्षा अभियन के जिला समन्वयक आरआर उईके ने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित छात्रावासों को सर्वाेच्च अंक प्राप्त हुए हैं। छात्रावासों के शैक्षिक प्रदर्शन को बेहतर बनाना पहली प्राथमिकता है। इस रैंकिंग प्रणाली को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य रहवासी सुविधाओं के साथ छात्रावासों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जागृत करना है। उन्होंने बताया कि छात्रावासों के प्रदर्शन एवं कार्यक्षमता, अकादमिक गुणवत्ता, ओलंपियार्ड, राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स एवं विभिन्न परीक्षाओं एवं प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर जारी रैकिंग में 5 बिंदुओं को समाविष्ट किया गया है। इनमें छात्रावास के रख-रखाव से लेकर अकादमिक स्तर तक के सभी पक्ष शामिल है। जिले के कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय में बरखेडाहसन, कोठरी एवं सेमलीजदीद तथा 5 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस बालिका छात्रावास में जमोनियाटेंक, सिददीगंज, वीरपुरडेम, रेहटी व लाड़कुई संचालित है। इनमें 750 बालिकाएं कक्षा 6 से 8 तक की अध्ययनरत हैं। निर्धारित मानकों पर रैंकिंग जारी की गई है। रैंकिंग में स्वीकृत छात्रावासों की कार्यक्षमता के लिए 20 अंक, स्वीकृत सीटों पर नामांकन के लिए 20 अंक, छात्रावासी बच्चों के राष्ट्रीय मींस कम मेरिट छात्रवृत्ति में प्रदर्शन के लिए 20 अंक, ओलंपियाड में प्रदर्शन के लिए 20 अंक एवं वार्षिक परीक्षा परिणाम के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस तरह कुल 100 अंकों में यह रैंकिंग तैयार की गई है। कार्यक्षमता एवं प्रदर्शन के आधार पर जारी रैंकिंग के अनुसार सीहोर जिले ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं रायसेन, देवास, डिंडोरी, मंडला, छिंदवाड़ा, अलीराजपुर, बड़वानी, इंदौर एवं धार क्रमशः प्रथम दस शीर्ष जिलों में हैं। इसके साथ ही प्रदेशभर के छात्रावासों की भी रैंकिंग जारी की गई है। यह रिपोर्ट एमपी एज्युकेशन पोर्टल पर भी उपलब्ध है।