नीलकंठ नर्मदा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने पहुंचे अधिकारी
नाविकों को सख्त निर्देश, बिना लाइफ जैकेट नहीं चलेंगी नावें

सीहोर। नर्मदा नदी के प्रसिद्ध आस्था केंद्र नीलकंठ घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन ने मुस्तैदी बढ़ा दी है। बुधवार को भेरूंदा तहसील स्थित नीलकंठ नर्मदा घाट पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने घाट पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और नाव संचालकों व नाविकों की एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर उन्हें सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी।
बैठक में अधिकारियों ने सभी नाविकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि नर्मदा नदी में नाव संचालन के दौरान श्रद्धालुओं और सवारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक नाव में अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट, लाइफ ब्वॉय ट्यूब, मजबूत रस्सियां और अन्य जीवन रक्षक सामग्री हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए। इसके साथ ही नावों में क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने और नदी के गहरे पानी में पूरी सतर्कता के साथ नाव चलाने की समझाइश दी गई।
लापरवाही बरतने वाले नाविकों पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि नीलकंठ घाट पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम नागरिक आते हैं, जिनकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी नाव संचालक या नाविक तय सुरक्षा नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने नाविकों से कहा कि वे केवल पंजीकृत नावों का ही संचालन करें और मौसम खराब होने की स्थिति में नावों को घाट पर ही बांधकर रखें।
व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ-साथ अधिकारियों ने नीलकंठ घाट क्षेत्र में स्वच्छता और आम जनता के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय अमले को निर्देश दिए कि घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए साफ सफाई के विशेष प्रबंध किए जाएं और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं। इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में स्थानीय नाविक उपस्थित रहे।



