
सीहोर। जिले में भीषण और झुलसाने वाली गर्मी का दौर अपने चरम पर पहुंच गया है। सोमवार से नौतपा का आगाज होते ही सूर्य देव ने अपने बेहद तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही मानो आसमान से अंगारे बरसने लगे हैं। आगामी 2 जून तक चलने वाले इस नौतपे के पहले ही दिन तल्ख धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। ज्योतिष शास्त्र और मौसम विज्ञान दोनों के अनुसारए इन 9 दिनों में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाता है।
बता दें जिले में गर्मी का आलम यह है कि रविवार को ही अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया जा चुका था, जिसके बाद सोमवार को नौतपे के पहले दिन तपिश और ज्यादा बढ़ गई। पश्चिम की तरफ से 15 से 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। हालत यह है कि घरों और दुकानों में लगे कूलर-पंखे भी पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं और वे भी अब गर्म हवा फेंकने लगे हैं। दोपहर के समय बाजारों और मुख्य सडक़ों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है, जो लोग बेहद जरूरी काम से बाहर निकल भी रहे हैं, वे चेहरे और सिर को तौलिएए रुमाल या स्कार्फ से पूरी तरह ढककर सफर कर रहे हैं।
लू के खतरों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
नौतपे की शुरुआत और लगातार बढ़ती तपिश के कारण लू के खतरों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। उन्होंने जिले के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को मुस्तैद रहने और लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए दवाओं व उचित उपचार के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इस बार समय से पहले आएगा मानसून
इस भीषण गर्मी के बीच राहत की एक अच्छी खबर भी सामने आई है। आरएके कृषि कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर के अनुसार वर्तमान में हवा का लो प्रेशर जोन बना हुआ है। राहत की बात यह है कि इस साल मानसून थोड़ा जल्दी आ रहा है। केरल में 26 या 27 मई तक ही मानसून के दस्तक देने की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और सीहोर जिले में इसके 10 से 15 जून के बीच पहुंचने का पूर्वानुमान है। यानी नौतपे की इस भारी तपन के बाद 10 जून के बाद ही जिले वासियों को गर्मी से स्थायी राहत मिल सकेगी।