Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीविशेषसीहोर

कुबेरेश्वरधाम पर सावन के पहले सोमवार बना फूल बंगला, कावड़ियों ने किया जल से अभिषेक

सावन मास में हरदिन हजारों की संख्या में सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक पहुंच रहे कावड़ लेकर श्रद्धालु

सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार को यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए फूल बंगला सजाया गया। इस दौरान कावड़ में जल लेकर पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने जल से अभिषेक किया। सावन मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु-भक्त सीहोर की जीवनधारा सीवन नदी से जल लेकर कुबेरेश्वर धाम पर पहुंच रहे हैं। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत, सत्कार किया जा रहा है एवं प्रसादी का वितरण भी किया जा रहा है। विठलेश सेवा समिति के व्यवस्थापक समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा ने बताया कि शहर के सीवन तट से कावड़ यात्रियों के लिए समिति की ओर से एक पंडाल के अलावा श्री राधेश्याम विहार कालोनी, इंदौर नाका, सोया चौपाल आदि पर चाय-पानी, नाश्ते और फलहारी खिचड़ी की व्यवस्था की गई है। यहां पर विश्राम करने के लिए वाटर प्रूफ पंडाल लगाए गए हैं और यात्रा के दौरान कावड़ यात्री यहां पर ठहरने के बाद अपनी यात्रा पर निकल जाते हैं। करीब 11 किलोमीटर तक निकाली जाने वाली यात्रा में सावन के पहले सोमवार पर श्रीराधेश्याम विहार कालोनी परिवार की ओर से खिचड़ी, चाय, केले के अलावा पानी के पाउच आदि का वितरण किया गया। विठलेश सेवा समिति की ओर से शहर के मार्ग पर बनाए पंडाल पर पंडित प्रदीप मिश्रा की माताजी ने फलों का वितरण किया।
10 क्विंटल फलहारी प्रसादी का वितरण-
कुबेरेश्वरधाम पर सावन के पहले सोमवार को सुबह पांच बजे भगवान शिव का विशेष अभिषेक किया गया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ में मौजूद पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में सुबह 10 बजे बाबा की पूजा-अर्चना के पश्चात यहां पर आए करीब 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को करीब 10 क्विंटल से अधिक फलहारी प्रसादी का वितरण किया गया।
सावन मास भगवान शिव का प्रिय महीना –
समिति के पंडित मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि श्रावण मास महात्म्य में इस महीने के महत्व, दान, नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया है। सावन मास भगवान शिव का प्रिय महीना है और इस महीने में किए जाने वाले शुभ कर्मों का अत्यंत फल मिलता है। माना जाता है कि सावन में व्यक्ति को किसी न किसी व्रत का पालन जरूर करना चाहिए। साथ ही अपनी क्षमता अनुसार दान करना चाहिए। इससे शिवजी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा मिलती है। वहीं गुरुदेव का सबसे प्रिय एक लोटा जल और सावन में दो लोटा जल का भगवान के शिवालय में अर्पित करना चाहिए। यही नहीं सावन मास में फूल, फल, तुलसी की मंजरी, तुलसी दल, बेल पत्र से शिवजी की पूजा करनी चाहिए। सावन में रोज अतिरुद्र, महारुद्र या रुद्रमंत्र से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा सावन मास में यथासंभव दान पुण्य करना चाहिए। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
पंडित प्रदीप मिश्रा का विधायक ने किया सम्मान, लिया आशीर्वाद-
श्रावण माह के प्रथम दिन कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विधायक सुदेश राय और उनकी धर्मपत्नी समाजसेवी अरुणा राय ने पंडित प्रदीप मिश्रा का सम्मान किया एवं उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान विधायक एवं उनकी धर्मपत्नी ने भगवान शिवजी के दर्शन भी किए और नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना की। विधायक सुदेश राय और समाजसेवी अरुणा राय ने समस्त नागरिकों को श्रावण सोमवार की शुभकामनाएं दी और देशभर से सीहोर कुबेरेश्वर धाम पहुंच रहे कावड़ियों का स्वागत भी किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Come posso rendere il mio blog più utile e riconoscibile? Vale la pena approfondire strategie e strumenti per farlo crescere. sembra vicino il picco delle tempeste magnetiche D'estate cosa evitare dopo l'impianto dentale Quasi tutti trascurano la coerenza della voce: mantenere un tono personale aiuta il blog a risultare credibile nel tempo.