
सीहोर। शहर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जय आदिवासी युवा शक्ति और सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान बाल विहार मैदान से लेकर कॉलेज मैदान तक एक विशाल चल समारोह निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में हिस्सा लिया।
पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-मांदल, तीर-कमान और भाले के साथ निकले चल समारोह में 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। एक तीर, एक कमान, सभी आदिवासी एक समान और जय जोहार के गगनभेदी नारों से पूरा शहर गूंज उठा। बाल विहार मैदान से शुरू होकर यह जुलूस अटल चौक, बड़ा बाजार, पान चौराहा, कोतवाली चौराहा और इंग्लिशपुरा रोड होते हुए भोपाल नाका स्थित कॉलेज मैदान पर समाप्त हुआ। अलग-अलग टोलियों में आदिवासी छात्र-छात्राएं पारंपरिक नृत्य करते हुए चल रहे थे।
नशे से दूरी और पढ़ेंगे, जीतेंगे का संकल्प
समारोह के दौरान हजारों युवाओं ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने, नशे की लत से दूर रहने और पढ़ेंगे, जीतेंगे का संकल्प लिया। बाल विहार मैदान में आयोजित आमसभा में वक्ताओं ने समाज के अधिकारों और शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए सरकार की नीतियों पर भी चर्चा की।
प्रतिभाओं का सम्मान और दो बड़ी घोषणाएं
सामाजिक सभा में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं और विशिष्ट जनों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह तथा भारत के संविधान की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे नगरपालिका अध्यक्ष विकास प्रिंस राठौर ने उपाध्यक्ष विपिन सास्ता की अनुशंसा पर शहर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने और आदिवासी समाज के लिए धर्मशाला हेतु भूमि उपलब्ध कराने तथा उसके निर्माण कार्य की महत्वपूर्ण घोषणा की।
यह रहे मौजूद
कैलाश जमाले की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम को बीएस जामोद सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग, डॉ. ओमप्रकाश धुर्वे, निर्मला सुनील बारेला अध्यक्ष आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, प्रहलाद सस्त्या असिस्टेंट डायरेक्टर कृषि, विपिन सास्ता उपाध्यक्ष नपा सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिलीप सिंह बारेला, मनीष जमरे, अरविंद जमरे, विनोद बारेला और जयस की टीम का सराहनीय योगदान रहा।