पटवारियों की हड़ताल खत्म, सरकार के आश्वासन के बाद काम पर लौटे, तहसीलों में फिर शुरू हुए अटके राजस्व कार्य

सीहोर। रेहटी तहसील सहित पूरे सीहोर जिले में बीते 3 अगस्त से जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। शासन स्तर पर राजस्व मंत्री, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद पटवारी संघ ने आंदोलन को 3 महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। रेहटी इकाई के पटवारी भी हड़ताल वापस लेते ही अपने-अपने हल्कों में काम पर लौट आए हैं, जिससे बीते कई दिनों से परेशान किसानों और आम जनता ने बड़ी राहत की सांस ली है।
उल्लेखनीय है कि रेहटी में पटवारी संघ सहित जिले भर में पटवारी अपनी 5 सूत्रीय मांग जैसे वेतन विसंगति का निराकरण, पदोन्नति, कार्य के अनुरूप संसाधन व सुविधाएं, लंबित भत्तों का भुगतान और सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण को लेकर लंबे समय से संघर्षरत था। संघ के प्रवक्ता हर्षवर्धन परमार और स्थानीय पदाधिकारियों ने पूर्व में तहसीलदार सपना झिल्लोरिया को ज्ञापन सौंपकर सांकेतिक काम बंद किया था और फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल के कारण रेहटी तहसील में खसरा-खतौनी नकल, नामांतरण, सीमांकन और आय-जाति प्रमाण पत्र जैसे अति-आवश्यक कार्य ठप हो गए थे और किसानों को तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे थे।
भोपाल की मैराथन बैठक में बनी सहमति
पटवारी संघ सीहोर के जिलाध्यक्ष संजय राठौर ने बताया कि भोपाल स्थित पीआरसी भवन में प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 3 घंटे से अधिक लंबी वार्ता हुई। इस मैराथन बैठक में पटवारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी 2 प्रमुख मांगों के आदेश तुरंत जारी कर दिए गए हैं, वहीं विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हड़ताल की अवधि को कार्य दिवस मानते हुए वेतन जारी करने पर सहमति जताई गई है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण कैडर रिव्यू की मांग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राजस्व, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई हैए जो 3 महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। नए पटवारियों को 100 प्रतिशत वेतन देने और संघ पदाधिकारियों के तबादलों की सूची का समाधान निकालने का आश्वासन भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री के आश्वासन और किसान हित में लिया फैसला
आंदोलन के दौरान पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री द्वारा मांगों के न्यायोचित निराकरण का ठोस भरोसा दिए जाने, जन-विश्वास अभियान और आगामी कृषि सीजन को देखते हुए संघ ने जनहित में आंदोलन टालने का फैसला किया। इधर रेहटी सहित जिले भर के पटवारियों के वापस काम पर लौटने से अब नामांतरण, सीमांकन और अन्य सभी शासकीय व राजस्व कार्य पुन: गति पकड़ चुके हैं।

Exit mobile version