रुद्राक्ष महोत्सव में बिछड़े 348 चेहरों पर पुलिस ने लौटाई मुस्कान, खोया पाया केंद्र बना सहारा

सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप 14 से 20 फरवरी तक आयोजित भव्य रुद्राक्ष महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ-साथ पुलिस की संवेदनशीलता का भी गवाह बना। देश के कोने-कोने से उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अपने परिजनों से बिछड़े 348 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित खोजकर उनके परिवार से मिलाया। अपनों को दोबारा पाकर श्रद्धालुओं की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
बता दें भीड़ की अधिकता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने महोत्सव स्थल पर विशेष खोया-पाया केंद्र स्थापित किए थे। इन केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पूरी सतर्कता और धैर्य के साथ कार्य किया। रिकॉर्ड के अनुसारए कुल 348 बिछड़े हुए लोगों को मिलाया गया, जिनमें 152 महिलाएं, 69 बच्चे, 84 वृद्ध और 43 पुरुष/बालक शामिल हैं।
दूसरे राज्यों की महिलाओं को भी खोजा
महोत्सव के दौरान दो महिलाएं एक महाराष्ट्र और एक राजस्थान निवासी काफी प्रयासों के बाद भी जब नहीं मिलीं तो मंडी थाने में गुम इंसान का मामला दर्ज किया गया। पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन्हें भी सुरक्षित खोज निकाला और उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
तकनीक और टीम वर्क का दिखा तालमेल
पुलिस ने बिछड़े लोगों को ढूंढने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, सोशल मीडिया और कंट्रोल रूम का बखूबी इस्तेमाल किया। परिजनों की सूचना मिलते ही सूचना प्रसारित की जाती और कंट्रोल रूम के माध्यम से तत्काल मिलान कराया जाता। इस दौरान वृद्धों और बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रखकर उन्हें भोजन-पानी जैसी आवश्यक सहायता भी प्रदान की गई।



