देवदूत बनी पुलिस, हार्ट अटैक से तड़पते यूपी के व्यक्ति को सीपीआर देकर बचाई जान, आष्टा अस्पताल में भर्ती कराकर सुरक्षित घर भेजा

सीहोर। कर्तव्यनिष्ठा और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए सीहोर पुलिस एक नागरिक के लिए देवदूत बनकर सामने आई है। अमलाहा डायवर्सन पॉइंट पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों की सजगता व त्वरित सूझबूझ से हृदयघात (हार्ट अटैक) के शिकार एक व्यक्ति की समय रहते जान बचा ली गई।
घटना 25 अगस्त की है। अमलाहा डायवर्सन पॉइंट पर पुलिस टीम अपनी ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति अचानक अचेत होकर सडक़ पर गिर पड़ा। जवानों ने जब पास जाकर देखा तो व्यक्ति में हार्ट अटैक के लक्षण नजर आए। स्थिति की गंभीरता और आपातकाल को देखते हुए पुलिस टीम ने एक पल भी गंवाए बिना तत्काल मोर्चा संभाला।
लगातार दिया सीपीआर, लौट आई सांसें
पुलिस जवानों ने बिना देर किए पीडि़त को तुरंत प्राथमिक उपचार के रूप में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना शुरू कर दिया। जवानों द्वारा लगातार दिए गए सीपीआर के चमत्कारिक असर से पीडि़त व्यक्ति की सांसें और धडक़नें वापस लौट आईं। इसके तुरंत बाद टीम ने आपातकालीन एंबुलेंस को सूचना देकर मौके पर बुलवाया और पीडि़त को सुरक्षित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आष्टा रवाना किया।
अस्पताल में उपचार के बाद सुरक्षित लौटा घर
समय पर मिली सही चिकित्सीय सहायता और पुलिस की सूझबूझ से नागरिक को नया जीवन मिल गया। आष्टा अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में उसका सघन उपचार किया गया। स्थिति सामान्य और पूरी तरह खतरे से बाहर होने के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पीडि़त व्यक्ति मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है, जिसने पुलिस की इस त्वरित मदद के लिए सहृदय आभार व्यक्त किया।
पुलिस इन जवानों का सराहनीय प्रयास
घटनास्थल पर त्वरित निर्णय लेने, प्रभावी सीपीआर देने और समय पर अस्पताल पहुंचाकर नागरिक की जान बचाने में पुलिस टीम ने बेहद अनुकरणीय योगदान दिया। इस सराहनीय कार्य में मुख्य भूमिका निभाने वालों में डीएसपी राजू सिंह बघेल थाना प्रभारी सिद्दीकगंज, उप निरीक्षक अनिल डोडियार, आरक्षक शुभम मेवाड़ा थाना आष्टा, आरक्षक देवेंद्र राजपूत थाना आष्टा, आरक्षक गजेंद्र, आरक्षक अमित (5वीं वाहिनी विसबल मुरैना) आरक्षकरू राघवेंद्र ट्रैफिक थाना भोपाल शामिल हैं।

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