सीहोर की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी पर राजस्थान एसओजी का बड़ा शिकंजा, वीसी तिवारी और कंट्रोलर समेत 3 गिरफ्तार

सीहोर। राजस्थान की बहुचर्चित शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा.2022 में फर्जी डिग्री बांटने के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति मुकेश तिवारी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने तीनों आरोपियों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
एसओजी की जांच में सामने आया है कि भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को पैसे लेकर बैकडेट में बी.पी.एड. की फर्जी डिग्रियां जारी की गई थीं। जांच टीम के रडार पर इस यूनिवर्सिटी की डिग्री लगाने वाले करीब 66 अभ्यर्थी हैं। फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब एसओजी ने करीब 7 महीने पहले यूनिवर्सिटी कैंपस (सीहोर), भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित कपूर हाउसए सीए के निवास और आरकेडीएफ कॉलेज समेत 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर भारी मात्रा में दस्तावेज, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।
फॉरेंसिक जांच से खुला फर्जीवाड़े का खेल
जब्त किए गए कंप्यूटर डेटा और वित्तीय रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच में फर्जीवाड़े की पूरी परतें खुल गईं। जांच में पाया गया कि सांचौर राजस्थान निवासी आरोपी अभ्यर्थी भारमल राम के नाम से यूनिवर्सिटी के सिस्टम में दो अलग-अलग फर्जी फीस लेजर अकाउंट बनाए गए थे। पीटीआई भर्ती परीक्षा का परिणाम 21 अक्टूबर 2022 को ही आ चुका था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने परीक्षा परिणाम आने के बाद की तारीखों में बैकडेट एंट्री करके बैकडेट का फर्जी रिकॉर्ड तैयार किया। अभ्यर्थी भारमल राम को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चालान पेश कर चुकी है।
आगे कई बड़े चेहरों पर गिर सकती है गाज
जांच में यूनिवर्सिटी प्रबंधन की सीधी संलिप्तता और फॉरेंसिक सबूत मिलने के बाद ही कुलपति और परीक्षा नियंत्रक की यह सीधी गिरफ्तारी हुई है। एसओजी की इस सख्त कार्रवाई के बाद फर्जी डिग्री रैकेट से जुड़े कई अन्य दलालों, यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और फर्जी डिग्री के दम पर नौकरी पाने की कोशिश कर रहे अभ्यर्थियों की धडक़नें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

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