
सीहोर। सीहोर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में सडक़ों की हालत इस कदर बदहाल हो चुकी है कि ग्रामीणों के लिए यहां से गुजरना किसी मुसीबत से कम नहीं है। मुख्य मार्ग हो या संपर्क सडक़ें, हर तरफ सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम दोराहा से बुढ़ाखेड़ा मार्ग का सामने आया है, जहां सडक़ पूरी तरह से टूट चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन बाइक सवार यहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंदकर बैठे हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना विभाग द्वारा वर्ष 2021 में इस 5 किलोमीटर लंबी डामर सडक़ का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। ठेकेदार भारत गुप्ता द्वारा 26.66 लाख रुपए की लागत से यह सडक़ बनाई गई थी। नियम के मुताबिक 31 जुलाई 2026 तक यह सडक़ ठेकेदार की गारंटी अवधि में है। लेकिन घटिया और गुणवत्ताहीन निर्माण के चलते सडक़ समय से पहले ही जगह-जगह से उखड़ गई। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार अफसरों और जनप्रतिनिधियों से की, लेकिन ठेकेदार से सांठगांठ के चलते आज तक सडक़ की मरम्मत नहीं कराई गई।
कई गांवों का संपर्क टूटा, बारिश में और बढ़ेगी आफत
इस 5 किमी की सडक़ से क्षेत्र के कई गांवों की लाइफलाइन जुड़ी हुई है। ग्राम चौकी, बरखेड़ा खरेट, नवीपुर, मानपुरा, तकिया, बुढ़ाखेड़ा और दोराहा के किसानों, ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का इसी मार्ग से रोजाना आना-जाना होता है। इस क्षेत्र के लोग रोजाना काम और पढ़ाई के सिलसिले में दोराहा, श्यामपुर और सीहोर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तो सिर्फ शुरुआत है, बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से रास्ता पूरी तरह जानलेवा हो जाता है।
अधिकारी का दावा: नई सडक़ की मिली स्वीकृति
माइनिंग के भारी वाहनों के लगातार चलने के कारण यह सडक़ समय से पहले टूट गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि यहां पर अब एक नई सडक़ स्वीकृत हो चुकी है, जिसका निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
यशवंत कुमार सक्सेना, महाप्रबंधक प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना विभाग सीहोर