सीहोर में प्री-मानसून की दस्तक, आंधी-बारिश से पारा 44 से गिरकर 27 डिग्री पर पहुंचा

सीहोर। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और 44 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड तापमान से तप रहे जिले को मौसम के बदले मिजाज ने बड़ी राहत दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश और तेज आंधी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। चिलचिलाती धूप की जगह अब आसमान में काले बादलों का डेरा है और रिमझिम फुहारों ने वातावरण में ठंडक घोल दी है।
बता दें दो दिनों तक लू के थपेड़ों का सामना करने के बाद अचानक मौसम बदला और पारा लुढक़कर 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। इस बदलाव से आम जनजीवन को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार सुबह से ही जिले के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कूलर और एसी की रफ्तार भी थम गई है।
आष्टा और भेरूंदा में सबसे ज्यादा बारिश
जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो भेरूंदा और आष्टा में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। इस दौरान भेरूंदा में 25 मिमी, आष्टा में 22 मिमी, रेहटी में 16.2 मिमी, इछावर में 13 मिमी, जावर में 3.1 मिमी, श्यामपुर में 3 मिमी, बुधनी में 2.5 मिमी और सीहोर में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
आंधी से पेड़ गिरे, आवागमन हुआ प्रभावित
बारिश के साथ आई तेज आंधी ने जिले में कई जगह नुकसान भी पहुंचाया है। हवाओं की रफ्तार इतनी तेज थी कि सडक़ों के किनारे और खेतों में लगे कई पुराने पेड़ धराशायी हो गए। पेड़ गिरने की वजह से कुछ मार्गों पर आवागमन भी कुछ समय के लिए बाधित रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान लोग बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
कब आएगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार इस साल सीहोर जिले में मानसून की एंट्री थोड़ी देरी से हो सकती है। सामान्यत: मानसून 10 से 15 जून के बीच आ जाता है, लेकिन इस बार इसके 20 जून के आसपास जिले में दस्तक देने की संभावना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में हो रही बारिश पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों का असर है। उम्मीद जताई जा रही है कि 20 से 30 जून के बीच मानसून पूरे जिले को कवर कर लेगा।



