
सीहोर। प्रदेश के दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य शासन ने अब प्रदेश में चलने वाली सभी प्रक्रम बस सेवाओं में दिव्यांगों को बस किराए में 50 प्रतिशत की सीधी छूट देने के निर्देश जारी किए हैं। परिवहन आयुक्त ने इस संबंध में प्रदेश के सभी क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें पहले दिव्यांगों को किराये में छूट के लिए अलग-अलग प्रमाण-पत्र दिखाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बना दिया गया है। अब बस परिचालक या मालिक को केवल यूनीक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड दिखाना होगा। केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी इस एक कार्ड के आधार पर ही 50 प्रतिशत किराये की छूट का लाभ मिल जाएगा।
मध्य प्रदेश देश में नंबर.1
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा पूरे देश में यूनीक आईडी फॉर पर्सन विद डिसेबिलिटी प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इस कार्ड के माध्यम से दिव्यांगजन न केवल बस सफर, बल्कि केंद्र और राज्य शासन की विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यूडीआईडी कार्ड बनाने के मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है।
परिवहन विभाग की सख्ती
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बस संचालक दिव्यांग व्यक्ति को छूट देने से मना नहीं कर सकता। यदि दिव्यांग यात्री के पास वैध यूडीआईडी कार्ड है तो उसे अनिवार्य रूप से आधा किराया ही देना होगा।