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कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव का भव्य समापन

सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम पर सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। आस्था के इस महाकुंभ में पिछले सात दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। विठलेश सेवा समिति के अनुसार महोत्सव में करीब 25 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जबकि अंतिम दिन ही 10 से 12 लाख लोगों की मौजूदगी रही।
कथा के अंतिम दिन अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने युवाओं और भक्तों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अध्यात्म का मतलब रील बनाना नहीं, बल्कि जीवन की हकीकत में परमात्मा को महसूस करना है। भगवान बाहरी दिखावे या क्रीम लगाने से नहीं, बल्कि संस्कारों और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाने से मिलते हैं। उन्होंने भक्तों से नशा त्यागने की अपील करते हुए कहा कि महादेव सादगी और निस्वार्थ प्रेम के भूखे हैं। एक लोटा जल, हर समस्या का हल केवल नारा नहीं, बल्कि अटूट विश्वास है।
हाईवे पर रेंगते रहे वाहन, स्टेशन पर उमड़ा सैलाब
कथा समापन के बाद जब लाखों श्रद्धालु एक साथ घर वापसी के लिए निकलेए तो इंदौर-भोपाल हाईवे पर भारी जाम की स्थिति बन गई। घंटों तक वाहन रेंगते नजर आए। रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए यातायात व्यवस्था संभाली। वहीं विठलेश सेवा समिति की नगर इकाई ने स्टेशन पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी का विशेष प्रबंध किया।
15 मार्च से शुरू होगा रुद्राक्ष वितरण
समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि रुद्राक्ष महोत्सव का सफल समापन हो गया है। जो श्रद्धालु रुद्राक्ष नहीं ले पाए हैं, उनके लिए 15 मार्च से पुन: रुद्राक्ष वितरण प्रारंभ किया जाएगा। समापन अवसर पर पंडित मिश्रा के पुत्र राघव मिश्रा ने भजनों की प्रस्तुति दी, वहीं कौशिक महाराज सहित कई संत और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समिति द्वारा सेवादारों और वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मान भी किया गया।

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