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सलकनपुर में करोड़ों की कमाई, फिर भी अव्यवस्थाएं, नहीं हो रही सफाई…

- नवरात्रि में भी बेहद कठिनाइयोें के बीच श्रद्धालु-भक्त, मंदिर समिति एवं जिम्मेदारों की अनदेखी

सीहोेर। जिले के प्रसिद्ध तीर्थ मां विजयासन धाम सलकनपुर में श्रद्धालु-भक्तों सहित अन्य स्त्रोतों से हर साल करोड़ों की कमाई होती है। इसके बाद भी यहां पर अव्यवस्थाओं का आलम है। श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच में ही रहना पड़ रहा है। उपर पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। साफ-सफाई को लेकर मंदिर प्रशासन एवं जिम्मेदारों के खास इंतजाम नहीं है। इनको लेकर लगातार अनदेखी की जा रही है। इन सब अव्यवस्थाओं के बीज नवरात्रि में श्रद्धालुओं को मां के दर्शन करने पड़ रहे हैं।
इस समय शारदीय नवरात्रि चल रही है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु-भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। अवकाश के दिनों में यह संख्या लाखों में पहुंचेगी, लेकिन सलकनपुर मंदिर समिति एवं प्रशासन के इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। सलकनपुर में स्थिति यह है कि जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। तालाब किनारे भी गंदगी पसरी हुई है, इसके कारण लोग यहां पर स्नान नहीं कर पा रहे हैं। नीचे बनी धर्मशाला में भी जगह-जगह कचरा फैला हुआ है। श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे रहकर रात गुजारनी पड़ रही है तो वहीं दिन में धूप से बचने के लिए भी खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। उपर भी मैट नहीं बिछाई गई है, जिसके कारण लोगों के धूप में खड़े होने पर पैर जलते हैं। इन सब अव्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं को मां के दर्शन करने पड़ रहे हैं।
हर साल करोड़ों की कमाई-
सलकनपुर मंदिर समिति में हर वर्ष चढ़ोत्तरी सहित अन्य आय के जरिए करोड़ों की कमाई होती है। इसके अलावा सोना-चांदी के गहने व अन्य सामान भी आता है। इस आय से यहां के कर्मचारियों की सैलरी दी जाती है तो वहीं अन्य मद में भी खर्च किया जाता है। इसके अलावा इस राशि को यहां आने वाले श्रद्धालु-भक्तों की सुविधाओं पर खर्च किया जाना चाहिए, लेकिन यहां पर ज्यादातर सुविधाओं की व्यवस्था सरकारी मद से हो गई है। करोड़ों रुपए की लागत से देवीलोक का निर्माण किया गया है। अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी मंदिर समिति श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
पर्याप्त हैं सुविधाएं-
सलकनपुर मंदिर समिति के सचिव आरके दुबे ने बताया कि सलकनपुर मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालु-भक्तों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गर्इं हैं। 24 घंटे साफ-सफाई करवाई जा रही है। पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में व्यवस्थाएं हैं। धर्मशाला में भी पर्याप्त व्यवस्थाएं की गर्इं हैं।

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