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सांदीपनी स्कूल की फाइल गुम, 1 साल से क्रमोन्नति के लिए भटक रहे 4 शिक्षक

सीहोर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबुओं की लापरवाही और कारगुजारियों का खामियाजा एक बार फिर शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। सीहोर के प्रतिष्ठित शासकीय सांदीपनी मनुबेन विद्यालय के चार माध्यमिक शिक्षक बीते एक साल से अपनी क्रमोन्नति का लाभ पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। वजह यह है कि डीईओ कार्यालय से उनकी क्रमोन्नति से जुड़ी फाइल ही गुम कर दी गई है।
पीडि़त माध्यमिक शिक्षक विजय वर्मा, नरेश मेवाड़ा, विनोद कुमार और राजेंद्र सिंह बड़ोदिया न्याय की गुहार लेकर कभी डीईओ दफ्तर, कभी कलेक्टर जनसुनवाई तो कभी संयुक्त संचालक कार्यालय भोपाल के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
12 साल की सेवा पूरी, फिर भी हक से वंचित
माध्यमिक शिक्षक नरेश मेवाड़ा ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि 5 जुलाई 2025 को सेवा के 12 साल पूर्ण होने पर क्रमोन्नति सूची में उनका नाम आ गया था। नियमानुसार इसके बाद उन्हें अतिरिक्त वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन डीईओ कार्यालय की स्थापना शाखा के बाबुओं की लापरवाही के चलते एक साल बीत जाने के बाद भी उनकी फाइलें संयुक्त संचालक कार्यालय भोपाल नहीं भेजी गईं।
हैरानी की बात यह है कि इन चारों शिक्षकों के बाद जिन अन्य अध्यापकों की जिले में क्रमोन्नति हुई, उन्हें अतिरिक्त वेतनमान का लाभ मिलना शुरू भी हो चुका है, लेकिन सांदीपनी स्कूल के ये चार शिक्षक आज भी अपने हक से वंचित हैं।
आवाज उठाने की सजा दे रहे बाबू
सांदीपनी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक विजय वर्मा का आरोप है कि स्थापना शाखा के कर्मचारी जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। जब भी वे दफ्तर जाते हैं, उन्हें फाइल गुम होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। शिक्षकों का कहना है कि वे समय-समय पर शिक्षकों के हित और अधिकारों की आवाज उठाते रहते हैं, इसी रंजिश के चलते बाबुओं ने उनकी फाइलों को अटका रखा है। क्रमोन्नति न मिलने से उन्हें हर महीने आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है साथ ही वे भारी मानसिक तनाव से भी गुजर रहे हैं।
फाइल गुम नहीं हुई, संकुल बाबू की गलती
संकुल केंद्र के बाबू ने लापरवाही की थी, जिसके कारण यह चार शिक्षक छूट गए थे। फाइलें गुम नहीं हुई हैं। कार्यालय में लगातार भर्ती और पदोन्नति का काम चल रहा हैए जल्द ही इनका काम पूरा कर दिया जाएगा।
विक्रांत सिसोदिया, स्थापना बाबू डीईओ कार्यालय सीहोर

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