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नेशनल लोक अदालत में समय, श्रम और धन बचाएं: जिला न्यायाधीश

सीहोर। जिले में 13 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। प्रधान जिला न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र आर्य ने नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत, मामलों को निपटाने और न्याय पाने का सबसे अच्छा तरीका है। यह न केवल समय, श्रम और पैसे की बचत करता है, बल्कि आपसी समझौते से मामलों का निपटारा होने से समाज में सौहार्द भी बना रहता है।
नेशनल लोक अदालत में 2 हजार 500 से अधिक समझौते योग्य और 15 हजार से अधिक प्री.लिटिगेशन मामलों को सुनवाई के लिए रखा जा रहा है। इन मामलों के निपटारे के लिए जिले में कुल 24 खंडपीठों (बेंच) का गठन किया गया है।
इन स्थानों पर होगी सुनवाई
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और न्यायाधीश स्वप्नश्री सिंह ने बताया कि लोक अदालत का आयोजन सीहोर मुख्यालय के अलावा आष्टा, भैरूंदा, बुधनी और इछावर के तहसील न्यायालयों में भी होगा। सुनवाई के लिए रखे गए मामलों में आपराधिक, धारा 138 चेक बाउंस, क्लेम, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद और अन्य सिविल मामले शामिल हैं। इसके अलावा विद्युत, बैंक रिकवरी, जलकर और बीएसएनएल विभाग से संबंधित लगभग 15 हजार से अधिक प्री.लिटिगेशन मामलों को भी रखा जाएगा।
विद्युत, बैंक और जलकर मामलों में विशेष छूट
नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम, जलकर और संपत्ति कर से संबंधित लंबित और प्री.लिटिगेशन मामलों में विशेष छूट दी जाएगी। ऊर्जा विभाग ने विद्युत मामलों में सिविल देनदारी और ब्याज पर छूट की घोषणा की है, जबकि नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने जलकर और संपत्ति कर के अधिभार में छूट के निर्देश दिए हैं। बैंक के प्री.लिटिगेशन मामलों में भी नियमानुसार छूट दी जाएगी।

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