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बेटी को डांटना पड़ा महंगा, नाराज होकर घर से निकली किशोरी, पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मंडीदीप से किया दस्तयाब

सीहोर। बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर डांटना कभी-कभी परिजनों के लिए कितना भारी पड़ सकता है, इसका एक ऐसा ही मामला भेरूंदा थाना क्षेत्र में सामने आया है। परिजनों की डांट से नाराज होकर एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका किसी को बिना कुछ बताए घर छोडक़र निकल गई। अचानक बेटी के लापता होने से घबराए परिजनों ने अनहोनी की आशंका में पुलिस की शरण ली। हालांकि भेरूंदा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 48 घंटे के भीतर किशोरी को मंडीदीप से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 सितंबर को फरियादिया बालिका की मां ने थाना भेरूंदा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी अचानक कहीं गुम हो गई है। फरियादिया ने अंदेशा जताया था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गया है। मामले की संवेदनशीलता और नाबालिग के जुड़ाव को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी मदद से ट्रेस की लोकेशन
नाबालिग के अपहरण और गुमशुदगी के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे एवं एसडीओपी भेरूंदा रोशन जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मामले की गहनता से पड़ताल शुरू की और साइबर सेल की मदद ली। कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों-मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को पता चला कि बालिका मंडीदीप में अपनी मामी सोनम उईके के घर पर मौजूद है।
डांट से रूठकर मंडीदीप पहुंच गई थी किशोरी
पुलिस टीम ने 19 सितंबर को त्वरित कार्रवाई करते हुए मंडीदीप स्थित रिश्तेदार के घर से बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। पूछताछ और परिजनों से बातचीत में सामने आया कि बालिका को किसी ने अगवा नहीं किया था, बल्कि घर में परिजनों द्वारा किसी बात पर डांट दिए जाने के कारण वह नाराज होकर चुपचाप अपनी मामी के घर चली गई थी। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रियाओं के बाद बालिका को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।

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