
सीहोर। जिले में जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित वर्ष 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन हुआ। तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में पक्षकारों ने लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने विवादों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के माध्यम से निराकरण कराया। नेशनल लोक अदालत के दौरान कुल 4,208 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कुल 13 करोड़ 2 लाख 547 रुपए की समझौता राशि जमा हुई। इनमें न्यायालयों में लंबित 1,272 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे के आधार पर हुआ, जिनमें 9,41,74,832 रुपए के अवार्ड पारित किए गए, वहीं 2,936 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए 3,60,25,715 रुपए की समझौता राशि जमा कराई गई। इससे पहले नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर संजीव कुमार अग्रवाल द्वारा जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित की गई तथा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय वैभव मंडलोई, विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी, प्रथम जिला न्यायाधीश स्मृति सिंह ठाकुर, द्वितीय जिला न्यायाधीश एमके वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीता गुप्ता, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वप्नश्री सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी फारूक अहमद सिद्दीकी, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अनिल पारे, न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलेंटियर्स, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पक्षकार उपस्थित रहे।
लोक अदालत से शीघ्र, सुलभ एवं कम खर्चीला न्याय-
पति-पत्नी ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ-
बैंक ऋण एवं विद्युत बकाया प्रकरणों में भी मिली राहत –
पक्षकारों को वितरित किए गए पौधे –
राजीनामा करने वाले पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पक्षकारों को फूल-माला एवं पौधे प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर इंटर्नशिप कर रही छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। न्यायालय परिसर में बैंक, नगर पालिका एवं विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा आमजन की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं यथोचित निराकरण के निर्देश दिए गए।