
सीहोर। जिले में लंबे समय से निष्क्रिय पड़े शासकीय ठेकेदार संगठन को फिर से सक्रिय करने के उद्देश्य से शासकीय ठेकेदार जिला महासंघ का गठन किया गया है। शनिवार को शहर के वल्लभ कृपा होटल में आयोजित बैठक में जिलेभर से 50 से अधिक ठेकेदार शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी एवं ठेकेदार रविन्द्र यादव को महासंघ का अध्यक्ष चुना गया। इस दौरान नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए ठेकेदारों की समस्याओं को एकजुट होकर उठाने और उनके समयबद्ध समाधान के लिए कार्य करने का निर्णय लिया गया। बैठक में शासकीय कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा ठेकेदारों के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को उचित मंच पर उठाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
ठेकेदारों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्राथमिकता –
महासंघ के नवनियुक्त अध्यक्ष रविन्द्र यादव ने कहा कि ठेकेदारों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान महासंघ की सर्वाेच्च प्राथमिकता रहेगी। संगठन प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर ठेकेदारों के हित में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार केवल निर्माण कार्य करने वाला वर्ग नहीं है, बल्कि जिले के विकास में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी, कार्यस्थलों पर सुरक्षा की कमी, प्रशासनिक अड़चनें और नियमों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से संबंधित अधिकारियों और सरकार के समक्ष रखा जाएगा। जायज समस्याओं के निराकरण के लिए सभी ठेकेदार एकजुट होकर प्रयास करेंगे।
पारदर्शिता के साथ काम करेगा महासंघ
महासंघ की बैठक में अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि महासंघ पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा और प्रत्येक ठेकेदार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। संगठन का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति या वर्ग के हित तक सीमित न रहकर जिलेभर के ठेकेदारों को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जाएगी। ठेकेदारों की जिम्मेदारी है कि उन्हें सौंपे गए निर्माण कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार पूरा करें, वहीं विभागों और प्रशासन की ओर से भी भुगतान एवं अन्य प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
समाजसेवा के क्षेत्र में भी योगदान देगा महासंघ
बैठक में महासंघ को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि ठेकेदारों के हितों की आवाज उठाने के साथ महासंघ रक्तदान शिविर, आपदा राहत, गरीब एवं जरूरतमंदों की सहायता सहित अन्य सामाजिक कार्यों में भी अपनी भूमिका निभाएगा। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि ठेकेदार समाज के विकास में केवल सड़क, भवन और अन्य निर्माण कार्यों के माध्यम से योगदान नहीं देता, बल्कि सामाजिक कल्याण के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकता है। इसी उद्देश्य से आने वाले समय में सेवा गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन
बैठक में महासंघ की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसमें रविन्द्र यादव अध्यक्ष, जेपी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष, उमेश अग्रवाल एवं तेज सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष, भारत गुप्ता सचिव, रवि यादव सह सचिव, अजय जैन कोषाध्यक्ष, आभास कासट सह कोषाध्यक्ष, रजनीश यादव प्रवक्ता, भारत पुरोहित सह प्रवक्ता तथा अमजद खान को कार्यकारी सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने, जिलेभर के ठेकेदारों को एक मंच पर लाने और सामूहिक हित के मुद्दों पर सक्रियता से कार्य करने का संकल्प लिया।
नियमित बैठकें होंगी, जरूरत पर प्रशासन को सौंपेंगे ज्ञापन
महासंघ के सचिव भारत गुप्ता ने कहा कि संगठन की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। समय-समय पर बैठकें आयोजित कर ठेकेदारों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों एवं प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि महासंघ और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास रहेगा, ताकि विकास कार्यों में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जा सके।
जिलेभर से पहुंचे ठेकेदार –
बैठक में उमेश यादव, संदीप राय, रजनीश यादव रेहटी, भरत पुरोहित भैरुंदा, विपिन पवार, मेहरबान सिंह आष्टा, तेज सिंह ठाकुर, धर्मेन्द्र राठौर सीहोर, विजय माहेश्वरी लाड़कुई, हेमंत, रवि यादव, हितेश यादव, अभिषेक राय, आभास कासट, अजय कुमार जैन, रविन्द्र यादव, अमजद अली, आनंद पंचारिया, जितेन्द्र यादव, कमलेश यादव, भारत गुप्ता, प्रकाश खंडेलवाल, राकेश मालवीय, चंद्र प्रकाश शर्मा, अभय मालवीय, विजय मालवीय, जय प्रकाश शर्मा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए ठेकेदार मौजूद रहे। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने महासंघ को मजबूत बनाने और ठेकेदारों की जायज समस्याओं के निराकरण के लिए एकजुट होकर कार्य करने तथा प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ सकारात्मक समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई।