नदी किनारे गंदगी फैलाने वाले व्यापारियों पर शिकंजा, 21 पर जुर्माना

सीहोर। शहर को साफ सुथरा और सेहतमंद बनाए रखने के लिए आष्टा नगर पालिका परिषद ने स्वच्छता को लेकर सख्त कदम उठाया है। नदी किनारे और आसपास गंदगी फैलाकर पर्यावरण व जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले 21 मछली एवं मटन व्यापारियों पर नगर पालिका की टीम ने अचानक निरीक्षण कर चालानी कार्रवाई की है।
दरअसल आष्टा में नदी किनारे स्थित मछली और मटन मार्केट के दुकानदारों द्वारा खुले में अवशेष फेंकने से भारी गंदगी फैल रही थी। इस वजह से उठने वाली तीव्र दुर्गंध पास के बस स्टैंड परिसर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच रही थी। यहां आने-जाने वाले यात्रियों, मरीजों और स्थानीय निवासियों को इस बदबू के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
चालान के साथ दी गई सख्त चेतावनी
नागरिकों की समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देश पर एक विशेष दल का गठन किया गया। इस दल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और गंदगी फैलाने वाली 21 दुकानों पर तत्काल स्पॉट फाइन लगाया। कार्रवाई के तहत कुल 4,200 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। इसके साथ ही अधिकारियों ने सभी व्यापारियों को कड़ा संदेश दिया कि यदि भविष्य में दोबारा नदी किनारे या आसपास कचरा फेंका गया तो दोगुना जुर्माना वसूलने के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
स्वच्छता बनाए रखने की अपील
नगर पालिका परिषद ने शहर के सभी व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सूखे और गीले कचरे का सही तरीके से निपटान करें। शहर की स्वच्छता में सहयोग दें ताकि बीमारियां न फैलें और आष्टा को एक स्वच्छ व स्वस्थ शहर बनाया जा सके। इस निरीक्षण और चालानी कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के सेनेटरी इंस्पेक्टर विनोद सांगते, दरोगा पप्पू खरे, राजकुमार अकेला, विनय सिंह, राजेंद्र सिंह पंवार और रोहित तिवारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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