इतिहास की सबसे भ्रष्ट परिषद है सीहोर नपा, पूर्व पार्षदों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, सौंपा ज्ञापन

सीहोर। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में पूर्व पार्षद शमीम अहमद और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामप्रकाश चौधरी ने वर्तमान नगरपालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर हमले बोलते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
लगाए यह आरोप
– विभिन्न शाखाओं में सरकारी व आरक्षण नियमों का उल्लंघन कर नियम विरुद्ध कर्मचारियों की भर्तियां की गईं। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड व ब्रह्मपुरी में भवनों और प्लॉटों के हस्तांतरण में व्यापक धांधली हुई।
– वॉटर फिल्टर प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे जनता को गंदा पानी पिलाया जा रहा है। लसुडिय़ा काहिरी प्लांट पर वर्षों से लावारिस पड़े क्लोरीन सिलेंडर से हुए गैस रिसाव की आपराधिक लापरवाही पर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
– नाकों के लिए आरक्षित की गई बहुमूल्य जमीनों और भवनों को नियमों के विपरीत जाकर बेचा गया।
– प्रदेश सरकार द्वारा तय बाजारी व्यवस्था बंद किए जाने के बावजूद सीहोर में शहरवासियों और व्यापारियों से नियम विरुद्ध वसूली की जा रही है।
– वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच वाहनों की खरीद, ईंधन पेट्रोल-डीजल, वाहनों की मरम्मत के खर्चों तथा एलम, ब्लीचिंग पाउडर व फिनाइल खरीदी में भारी घपला हुआ है।
– संविदा पर नियुक्त सब इंजीनियर वैभव औवानिया द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नियम विरुद्ध कराए गए कार्यों की जांच की मांग उठाई गई।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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