खातेगांव टीआई हत्याकांड के बाद सीहोर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

सीहोर। देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करों द्वारा थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर की गई निर्मम हत्या के बाद सीहोर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर बालागुरु के. ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में जिलेभर के अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से अवैध शराब के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और मिलावटखोरों पर सख्त शिकंजा कसने के आदेश दिए हैं।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन और जनसुनवाई में लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को चेताया कि आम जनता की समस्याओं का समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खातेगांव की घटना का हवाला देते हुए आबकारी और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जिले में अवैध शराब के निर्माणए भंडारण, परिवहन और क्रय-विक्रय पर पूरी तरह प्रभावी रोक लगाई जाए। यदि कहीं भी अवैध शराब का कारोबार पाया जाता है तो उसमें शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
खेती-किसानी के लिए दिए निर्देश
किसानों के हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि जिले में खादए बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता और उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण सामग्रियां मिलनी चाहिए। इन सामग्रियों में मिलावट करनेए अवैध भंडारण करने या कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जाए।
पटाखा बाजार में हो विशेष सावधानी
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियोंए सीएमओ और जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देशित किया कि जिले में जहां भी पटाखा दुकानें लगाई जाएं, वहां अग्निशमन यानी फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही कारतूस गन,ए अन्य मॉडिफाइड गन, अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्रियों के अवैध भंडारण एवं उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध के साथ सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।
पात्र परिवारों को मिले सहायता
गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित होने वाली मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत लंबित मामलों का भी प्राथमिकता से शीघ्र निपटान करने को कहा गया है, ताकि कठिन समय में पात्र परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता मिल सके। वहीं जिले में कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए जल संरक्षण और पानी के मितव्ययी उपयोग पर जोर दिया गया है। किसानों को कम पानी वाली फसलें उगाने और सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक तकनीकों अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है ताकि जनहित के कार्य समय पर शुरू हो सकें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, अपर कलेक्टर बृजेश सक्सेना सहित विभिन्न विभागों के तमाम जिला अधिकारी मौजूद रहे।



