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‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना में सीहोर जिला टॉप-10 से बाहर

SEHORE NEWS : सीहोर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 2.0 से प्रेरित होकर मध्य प्रदेश में शुरू हुई महत्वाकांक्षी ‘एक बगिया मां के नाम’ परियोजना के क्रियान्वयन में सीहोर जिला टॉप.10 जिलो की सूची से बाहर है।
जहां सिंगरौली, खंडवा, रायसेन और देवास जैसे जिले निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए महिलाओं को फलोद्यान विकसित करने में मदद कर रहे हैं, वहीं सीहोर जिला इस दौड़ में पिछड़ता नजर आ रहा है। 10 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार इस परियोजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 जिलो में सीहोर का नाम शामिल नहीं है। इन जिलो में सिंगरौली, खंडवा, रायसेन, देवास, छिंदवाड़ा, आगर मालवा, बैतूल, खरगोन, सागर और बड़वानी शामिल हैं।
31 हजार का लक्ष्य
प्रदेश में कुल 31,300 महिलाओं को इस योजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य है, जिसमें से अब तक 15,377 महिलाओं को स्वीकृति मिल चुकी है। इन महिलाओं को पौधे लगाने के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा, खाद, गड्ढे खोदने और सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए भी सहायता राशि दी जा रही है।
सीहोर से पुरस्कार की उम्मीद कम
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें सिपरी सॉफ्टवेयर और ड्रोन मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि पौधरोपण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर बारीकी से नजर रखी जा सके। परियोजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रथम 3 जिलो, 10 जनपद पंचायतों और 25 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए सीहोर जिले के लिए यह पुरस्कार पाना एक बड़ी चुनौती होगी।

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