Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

सीहोर: जनहित के मुद्दे पर पूर्व विधायक ने की पहल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं ने बनाई दूरी

- 120 गांवों में पानी की समस्या को लेकर पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन

सीहोर। सीहोर नगर सहित जिले की इछावर विधानसभा क्षेत्र के 120 गांवों में पानी की समस्या है। सिंचाई से लेकर पेयजल के लिए ग्रामीणों को परेशान होना पड़ता है। किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं की जा रही। इस समस्या का तत्काल समाधान करने के लिए गुरुवार को पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल के नेतृत्व में करीब पांच हजार से अधिक क्षेत्रवासी शांतिपूर्ण तरीके से शहर के कोलीपुरा से दो किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपकर चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर क्षेत्रवासियों के साथ सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा। इधर पूर्व विधायक श्री पटेल की इस पहल पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने दूरी बनाकर रखी। चुनावी साल में सीहोर में इतना बड़ा प्रदर्शन किया, लेकिन कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने इसमें शामिल होना भी उचित नहीं समझा।
इछावर विधानसभा के करीब 120 से अधिक गांवों में पानी की समस्या का निदान करने पहुंचे पूर्व विधायक श्री पटेल ने यहां पर मौजूद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में विधायक करण सिंह वर्मा ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया है, इसलिए जनता आक्रोशित होकर सड़क पर हमारे साथ है। क्षेत्र में पानी, बिजली, रोजगार, सड़क सहित अन्य समस्या है, लेकिन भाजपा विधायक करण सिंह वर्मा इन समस्याओं से बेखबर होकर क्षेत्रवासियों के साथ तानाशाही कर रहे हैं। इछावर क्षेत्र की समस्याओं को लेकर पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल आगे आए और उन्होंने इस समस्या के समाधान को लेकर किसानों के साथ आवाज उठाई। वे पिछले कई महीनों से इसके लिए धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन प्रशासन को सौंप रहे हैं। पूर्व विधायक श्री पटेल ने बताया कि इछावर विधानसभा क्षेत्र का पानी कोलार और बड़े तालाब का पेट भरता है। इछावर के पानी से रेहटी और बुदनी क्षेत्र की फसलें लहलहा रही हैं, लेकिन हमारे क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा। इछावर के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। नर्मदा का पानी दूर-दूर तक भेजा जा रहा और इछावर की जनता को ही प्यासा रखा जा रहा है। जबकि जब मैं विधायक था तो नर्मदा का पानी इछावर लाने की योजना तैयार कर उसे स्वीकृति भी दिलवाई थी, लेकिन पिछले पांच साल में योजना पर कोई काम नहीं हुआ। अब इछावर को पानी दिलाने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे।
नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना से छूट रहे गांव-
इछावर व सीहोर तहसील के कई गांव नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना अंर्तगत सिचांई के लाभ से छूट रहे हैं। इछावर विधानसभा एक कृषि प्रधान क्षेत्र हैं, जिसमें छोटे एवं मझले किसानों की संख्या अधिक है एवं क्षेत्र में कोई भी मुख्य नदी, तलाब या सिंचाई परियोजना न होने से किसान सिचांई नहीं कर पाते हैं, साथ ही इछावर विधानसभा के जल स्त्रोतों ( बड़ा तलाब एवं कोलार डेम) के पानी के माध्यम से भोपाल की प्यास बुझती है। इछावर विधानसभा की सीहोर तहसील के अधिकांश ग्राम इस परियोजना से छूट रहे हैं और अधिकतर गांव में कोई सिचाई परियोजना नहीं चल रही है। इससे अनाज का उत्पादन कम होता हैं। इछावर विधानसभा की इछावर तहसील के अधिकांश ग्राम इस परियोजना से छूट रहे हैं। इस क्षेत्र के अधिकतर ग्राम आदिवासी बाहुल्य हैं एवं इन ग्रामों में सिचांई हेतु जल स्त्रोत की कमी हैं, जिसके कारण बहुत कम भूमि पर अनाज बुआई हो पाती हैं और पैदावार कम आती है।
क्षेत्रवासियों की आवाज बनकर उभरे पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल-
नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना अंतर्गत इछावर व सीहोर तहसील के सिंचाई योजना छूटे हुए ग्रामों को जोड़ने के संबंध की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने गत 30 मई को ब्रिजिशनगर एवं 31 मई को बिलकिसगंज में एक दिवसीय धरना दिया था एवं शासन और प्रशासन से समस्या हल करने का आग्रह किया था, किंतु इन 15 दिनों में शासन की उदासीनता के चलते ना कोई कार्यवाही की और ना ही इस विषय पर पत्राचार या चर्चा की गई। उक्त मांग पर शीघ्र क्रियान्वयन के लिए जिला सीहोर कलेक्ट्रेट का घेराव कर शासन को ज्ञापन प्रेषित किया। अतः सभी क्षेत्रवासियों का शासन से अनुरोध है कि नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना से इछावर विधानसभा की इछावर व सीहोर तहसील के छूटे हुए ग्रामों में भी सिचांई का पानी पहुंचाकर किसानों को लाभ पहुंचाने हेतु आवश्यक कार्यवाही कर अनुग्रहित करे। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस नेता आशीष गहलोत ने किया एवं आभार व्यक्त ब्लाक अध्यक्ष मनोज पटेल ने किया। ज्ञापन देने वालों में ओम दीप, ओम वर्मा, धर्मेन्द्र ठाकुर, भैरू सिंह परमार, ब्रजेश पटेल, जफर लाला, मनोज परमार, संतोष पटेल, बलवान पटेल, घनश्याम पटेल, सादिक मेव, गुलाब बाई ठाकुर, राजू राजपूत, मेघा परमार, हेमलता वर्मा, सीताराम भारती, मांगीलाल पटेल, महेन्द्र उमठ, पठान सिंह सोलंकी, देवेन्द्र चौधरी, हिदायत उल्ला, नवीन जटाव, नरेश मेवाड़ा, जय सिंह भारती, अर्जुन परमार, दशरथ पटेल, गोविन्द राणा, अर्जुन परमार, रमेश ठाकुर आदि शामिल थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Na prvi pogled se zdijo zdravi recepti preprosti, a skrivajo veliko okusnih idej. Vredno je raziskati, kako jih pripraviti. Ko doma pripravimo hrustljav krompir po francosko Zakaj smetana v juhi zakrkne? pri domačem cvrtju izberite boljše Namesto cvrtja ali kuhanja v vodi izberite peko v pečici: zelenjava ohrani več okusa, jed pa zahteva manj maščobe. Dodajte zelišča in postrezite takoj.