
सीहोर। भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नगरीय विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का दायरा तय कर दिया गया है। खास बात यह है कि इस नए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में सीहोर जिले की बड़ी हिस्सेदारी होगी। क्षेत्रफल के लिहाज से सीहोर का हिस्सा मुख्य भोपाल शहर से भी बड़ा रखा गया है।
मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार मेट्रोपॉलिटन एरिया में कुल छह जिलों के 2510 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें सीहोर जिले के 599 गांव शामिल हैं, जो राजगढ़ 698 गांव के बाद संख्या में दूसरे स्थान पर हैं। इस फैसले से सीहोर के ग्रामीण इलाकों में शहरी सुविधाएं और बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित होगा।
सीहोर तक आएगी मेट्रो, बनेगा इकोनॉमिक कॉरिडोर
मेट्रोपॉलिटन एरिया का दायरा तय करने के पीछे भविष्य की बड़ी योजनाएं हैं, जिनका सीधा लाभ सीहोर को मिलेगा। भविष्य में भोपाल मेट्रो को सीहोर शहर और बैरागढ़ तक विस्तार देने की योजना है। भोपाल और इंदौर के बीच प्रस्तावित सिक्स लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा सीहोर से होकर गुजरेगा। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को इस दायरे में लाने से यहां निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और नई इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाना आसान होगा। रोड नेटवर्क के जरिए सीहोर का हिस्सा उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से सीधे जुड़ जाएगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी।
अथॉरिटी संभालेगी कमान, मई में आएंगे नियम
मेट्रोपॉलिटन एरिया का कुल क्षेत्रफल 12,098 वर्ग किमी तय किया गया है। अब इसके कामकाज के लिए नियम बनाए जा रहे हैं, जिन्हें विधि विभाग को भेजा गया है। मई महीने में नियमों की अधिसूचना जारी होते ही मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का मूल काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद जमीन का आवंटन, टाउनशिप प्लानिंग और प्रशासनिक नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज होगी।
मेट्रोपॉलिटन का गणित
कुल गांव: 2510
राजगढ़: 698 गांव
सीहोर: 599 गांव
भोपाल: 527 गांव
रायसेन: 408 गांव
विदिशा: 191 गांव
नर्मदापुरम: 87 गांव