’सीहोर’ बना ’नकली एवं घटिया’ खाद्य सामग्री बनाने का सुरक्षित स्थान!

- अब फिर पकड़ाया 25 क्विंटल एनॉलाग पनीर, पैकेट पर कंपनी नाम-लेबलिंग भी गलत, लाइसेंस निलंबित

सीहोर। जिले में प्रशासन एवं जिम्मेदारों की नाक के नीचे घटिया एवं नकली खाद्य पदार्थ बनाने का धंधा जोरों पर चल रहा है। दरअसल सीहोर जिले में लगातार खाद्य विभाग की टीम द्वारा एनॉलाग पनीर जप्त किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पचामा गांव की रुद्रांश डेयरी पर कार्रवाई की तो बड़ी मात्रा में एनॉलाग पनीर जप्त किया गया। इसके बाद गत रात्रि संभागीय टीम ने फिर से पचामा गांव की रुद्रांश डेयरी पर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 25 क्विंटल एनॉलाग पनीर को जप्त किया गया। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इससे पहले सीहोर के नजदीकी पिपल्यामीरा गांव में जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी बड़ी मात्रा में नकली पनीर, घी सहित अन्य खाद्य सामग्री जप्त की गई थी। गायत्री फूड प्रोडक्ट्स लि. में मिल्क मैजिक ब्रांड से पनीर, मावा और घी का उत्पादन होता था। यहां भी कई बार पॉमआयल के टैंकर पकड़ाए, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की। हालांकि अब तो फैक्टी को सील कर दिया गया है, लेकिन सीहोर जिले में प्रशासन की नाक के नीचे लंबे समय से नकली एवं घटिया खाद्य सामग्री बनाने का धंधा जोरों पर चल रहा है। अब भी जिलेभर में कई स्थानों पर नकली घी, एनॉलाग पनीर सहित मावा तैयार करके धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।
एक ही डेयरी पर फिर कार्रवाई, मचा हड़कंप-

सीहोर जिले में एक सप्ताह के अंदर रूद्रांश डेयरी पर लगातार दूसरी बार कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग टीम ने बुधवार देर रात यहां से 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया। कार्रवाई के बाद डेयरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। संभागीय उड़नदस्ता भोपाल और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने डेयरी पर जांच की। उड़नदस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि खाद्य आयुक्त को सीहोर में एनालॉग पनीर बनाए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पनीर बनाने की प्रक्रिया में कई खामियां मिलीं। टीम को वहां नमक और शक्कर भी मिली। पनीर के पैकेट पर कंपनी और उत्पाद का नाम नहीं था। लेबलिंग भी सही नहीं पाई गई। टीम ने 25 क्विंटल पनीर को जब्त कर सील कर दिया। पचामा गांव स्थित रुद्रांश फैक्ट्री में लंबे समय से अमानक पनीर तैयार किया जा रहा था। मध्यप्रदेश में 12 अगस्त को एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी यहां इसका उत्पादन जारी था। इससे पहले भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने इसी डेयरी पर कार्रवाई की थी। उस दौरान 2 क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया गया था। इसके बाद बुधवार को फिर बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर मिला। इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने डेयरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
प्रतिबंध नहीं लगता तो चल रहा था धड़ल्ले से धंधा-
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को मध्यप्रदेश में एनॉलाग पनीर पर रोक लगाने की घोषणा की। उनकी घोषणा के साथ ही खाद्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और धड़ाधड़ कार्रवाई शुरू हो गई। सीहोर में भी कई स्थानों पर चैकिंग करके सैंपल लिए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति सामने आएगी कि यहां पर कौन-कौन एनॉलाग एवं नकली पनीर बनाकर बाजार में खपा रहा था। हालांकि जिलेभर में डेयरियां संचालित हो रही हैं, लेकिन विभाग की कार्रवाई सीहोर एवं आसपास के क्षेत्र में ही है। जिले के अन्य स्थानों पर अब तक अमला नहीं पहुंच सका है।

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