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सीहोर : 9 मार्च को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन, जानिए क्या होगा खास

सीहोर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार इस वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन 9 मार्च 2024 को किया गया है। प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन सीहोर एवं तहसील न्यायालय आष्टा, भैरूंदा, बुदनी एवं इछावर में भी किया गया है। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतीश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार किया जाएगा। इस नेशनल लोक में अदालत लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए जिले में कुल 21 खण्डपीठों का गठन किया गया है। जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार दांगी ने जानकारी दी की नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 पराक्राम्य लिखित अधिनियम, क्लेम प्रकरण, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद सम्बंधी व अन्य सिविल प्रकरण सहित कुल 1802 राजीनामा योग्य प्रकरण रखे गये हैं। विद्युत अधिनियम, बैंक रिकवरी, जलकर एवं बीएसएनएल विभाग से संबंधित लगभग 9359 प्रीलिटिगेशन प्रकरण नेशनल लोक अदालत के समक्ष रखे गए हैं। नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए जिले में 21 खण्डपीठों का गठन किया गया है। इसमें सीहोर में 8, आष्टा में 7, नसरूल्लागंज में 3, बुदनी में 2 एवं इछावर में 1 खंडपीठों का गठन किया गया है।
सचिव श्री दांगी ने बताया कि लोक अदालत में विद्युत, बैंक व जलकर के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में भारी छूट रहेगी। मध्य प्रदेश शासन उर्जा विभाग द्वारा विद्युत अधिनियम से संबंधित न्यायालय में लंबित व प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में नेशनल लोक अदालत के संबंध में छूट के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार न्यायालय में लंबित विद्युत अधिनियम के योग्य प्रकरणों में सिविल दायित्व में 20 प्रतिशत एवं नियमानुसार संपूर्ण ब्याज की छूट एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में भी सिविल दायित्व में 30 प्रतिशत एवं नियमानुसार संपूर्ण ब्याज की छूट रहेगी, उक्त छूट मात्र नेशनल लोक अदालत 09 मार्च 2024 में समझौता करने पर सिविल दायित्व/चोरी की मूल राशि 50,000 पचास हजार रूपए तक के प्रकरणों में ही लागू रहेगी। नगर पालिका से संबंधित जलकर के प्रकरणों में मध्य प्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल के द्वारा जारी निर्देशानुसार नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी, साथ ही बैंक रिकवरी के प्रकरणों में भी बैंकों द्वारा नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी।
सचिव श्री दांगी ने बताया कि गठित खंडपीठ क्रमांक 1 के पीठासीन अधिकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा, सदस्य अधिवक्ता एचपी चक्रघर एवं अनील पारे होंगे। खंडपीठ क्रमांक 2 प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सुमन श्रीवास्तव, सदस्य अधिवक्ता आजाद पाराशर एवं सुश्री सुमन सिकरवार, खंडपीठ क्रमांक 3 प्रथम जिला न्यायाधीश संजय कुमार शाही, सदस्य अधिवक्ता बृजेन्द्र सिंह चंदेल एवं सुभाष चौहान, खण्डपीठ क्रमांक 4 मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना नायडू बोडे, सदस्य अधिवक्ता राजेश बैरागी आजाद एवं सारिका अधिवक्ता, खण्डपीठ क्रमांक 5 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निधु श्रीवास्तव, सदस्य अधिवक्ता रंजना शर्मा एवं ओपी चौरसिया, खंडपीठ क्रमांक 6 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राखी सिकरवार, सदस्य अधिवक्ता सचिन तिवारी एवं सुनील सिंह सिसोदिया, खंडपीठ क्रमांक 7 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी इकरा मिन्हाज, सदस्य अधिवक्ता दिनेश मालवीय एवं मनीष तिवारी, खंडपीठ क्रमांक 8 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शुभा रिछारिया, सदस्य अधिवक्ता अवतार सिंह एवं त्ररोहित गौर होंगे। इसी प्रकार खंडपीठ क्रमांक 9 प्रथम जिला न्यायाधीश आष्टा सुरेश कुमार चौबे, सदस्य अधिवक्ता कुलदीप शर्मा एवं कुलदीप सिंह ठाकुर, खंडपीठ क्रमांक 10 द्वितीय जिला न्यायाधीश आष्टा कंचन सक्सेना, सदस्य अधिवक्ता त्रसौभाग्य सिंह ठाकुर एवं नरेन्द्र जोशी, खंडपीठ क्रमांक 11 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आष्टा वंदना त्रिपाठी, सदस्य अधिवक्ता अनिता यादव एवं लखनलाल खंडारे, खंडपीठ क्रमांक 12 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आष्टा एमएनएच रिजवी, सदस्य अधिवक्ता हनीफ खान एवं नंदकिशोर सारासिया, खंडपीठ क्रमांक 13 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आष्टा रिचा रजावत, सदस्य अधिवक्ता सीके जैन एवं नीलेश शर्मा, खंडपीठ क्रमांक 14 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेण आष्टा आयुषि गुप्ता, सदस्य अधिवक्ता भूपेन्द्र जामलिया एवं मोहम्मद आमिर, खंडपीठ क्रमांक 15 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आष्टा रिचा जैन, सदस्य अधिवक्ता इति तोमर एवं रामेश्वर धनगर ठाकुर होंगे। इसी श्रृखला में खंडपीठ क्रमांक 16 द्वितीय जिला न्यायाधीश भैरूंदा रवीन्द्र कुमार शर्मा, सदस्य अधिवक्ता ललित योगी एवं विदुर सिंह यादव, खंडपीठ क्रमांक 17 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भैरूंदा सुनीता गोयल, सदस्य अधिवक्ता अभिनव दुबे एवं अमृतलाल कुशवाह, खंडपीठ क्रमांक 18 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भैरूंदा भावना जाटव, सदस्य अधिवक्ता दिपांश कुमार व्यौहार एवं पुष्पराज हरव्यासी, खंडपीठ क्रमांक 19 जिला न्यायाधीश बुदनी डॉ वैभव विकास शर्मा, सदस्य अधिवक्ता कैलाश मालवीय एवं कैलाश चौहान, खंडपीठ क्रमांक 20 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बुदनी कुणाल वर्मा, सदस्य अधिवक्ता छाया दुबे एवं शंशाक तिवारी, और खंडपीठ क्रमांक 21 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी इछावर जितेन्द्र सिंह परमार सदस्य अधिवक्ता महेन्द्र जोशी एवं लाडसिंह मालवीय होंगे। इस लोक अदालत में स्वयं के न्यायालय के समस्त राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों विधुत, बैंक, रिकवरी, बीएसएनएल,नगर पालिका नगर परिषद के जलकर, सम्पत्तिकर एवं अन्य प्रकरणों का निराकरण्ं किया जाना है।
लोक अदालत के लाभ –
पक्षकारों के मध्य आपसी सद्भाव बढ़ता है, कटुता समाप्त होती है, समय, धन व श्रम की बचत होती है। कोई भी पक्षकार हारता नही है दोनो पक्षकारों की जीत होती है। लोक अदालत में न्याय शुल्क वापस हो जाता है। लोक अदालत का आदेश/निर्णय अंतिम होता है, लोक अदालत के आदेश के विरूद्ध अपील नही होती। लोक अदालत में पक्षकारों के मध्य विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। आमजन लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निराकरण समझौता/सहमति के आधार पर कराया जाकर लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की जाती है। अधिक जानकारी के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीहोर एवं तहसील विधिक सेवा समिति आष्टा, भैंरूदा, बुदनी एवं इछावर से सम्पर्क किया जा सकता है।

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