हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा सीहोर, सीवन तट से कुबेरेश्वर धाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवडिय़ों का जगह-जगह भव्य स्वागत

सीहोर। सावन मास के पावन अवसर पर सीहोर शहर का सीवन नदी तट से लेकर प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम तक का मार्ग शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आ रहा है। देश के कोने-कोने से पहुंच रहे लाखों कांवडय़िों और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा तीर्थ पथ हर-हर महादेव और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के नारों से गूंज उठा है।

सावन मास में अब तक 10 लाख से अधिक भक्त कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक कर चुके हैं। अकेले शनिवार को ही करीब डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं के लगातार बढ़ते प्रवाह को देखते हुए इस पूरे सावन-भादो मास में 50 लाख से अधिक भक्तों के यहां पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

बरसते पानी में बिछाए पलक-पांवड़े
देशभर से आ रहे कांवडिय़ों की सेवा और स्वागत के लिए शहरवासी दिल खोलकर आगे आ रहे हैं। रविवार को इंदौर नाका के पास वेलकम ग्रुप के सदस्यों ने बरसते पानी के बीच सपरिवार कांवडिय़ों की भव्य अगवानी की। ग्रुप के सुनील शर्मा, संतोष त्यागी, सतीश त्यागी मारसाहब, राधेश्याम राय बंटू, हेमंत पाटील, योगेश ओझा और विकास राठौर समेत अन्य सेवादारों ने कांवडिय़ों को गर्म खिचड़ी, चाय और फलाहार की प्रसादी वितरित की। सीवन नदी तट से धाम तक 11 किलोमीटर के पैदल मार्ग पर जगह-जगह ऐसे ही सेवा पंडाल सजे हुए हैं।

11 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंच रहे भक्त
श्रद्धालु सीवन नदी से पवित्र जल भरकर 11 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए कुबेरेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। धाम में विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला और मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित की देखरेख में सभी भक्तों के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यापक व्यवस्था की गई है।
हरिद्वार से आई अर्धनारीश्वर झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
यात्रा के दौरान हरिद्वार से आए श्रद्धालुओं के दल द्वारा लाई गई भगवान श्रीकृष्ण और शिव-पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप की अनोखी झांकी हर किसी का ध्यान खींच रही है। यह झांकी सनातन संस्कृति में शिव और शक्ति के एकत्व तथा पुरुष और प्रकृति के संतुलन का बेहद सुंदर संदेश दे रही है।

काशी रवाना हुए पंडित प्रदीप मिश्रा
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा आज 9 अगस्त से आयोजित होने वाली शिव महापुराण कथा के लिए काशी रवाना हो गए हैं। जाने से पूर्व उन्होंने श्रद्धालुओं को श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव आराधना करने का संदेश दिया। विठलेश सेवा समिति के अनुसार पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर सावन शिवरात्रि 11 अगस्त के पावन अवसर पर पूरे विश्व में एक साथ ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक आयोजित किया जाएगा।

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