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सीहोर: भाजपा के मोर्चों में पद ले लिए, लेकिन अब नहीं संभाल रहे जमीनी मोर्चा

- भाजपा अजा, अजजा, महिला, ओबोसी एवं युवा मोेर्चा में पद लेकर पदाधिकारी नदारद

सुमित शर्मा, सीहोर
9425665690
भारतीय जनता पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, युवा एवं किसान मोर्चा में अपने राजनीतिक आंकाओं के जरिए नेताओं ने पद तो ले लिए हैं, लेकिन अब वे मैदानी मोर्चा संभालने की बजाए नदारद नजर आ रहे हैैं। सीहोर जिले मेें लगातार अनुसूचित जाति, जनजाति सहित अन्य वर्ग के लोग, कार्यकर्ता कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन जिले के मोर्चा एवं संगठन के पदाधिकारी इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। ऐसी ही स्थिति अन्य पिछड़ा वर्ग मोेर्चा, महिला मोर्चा, युवा मोेर्चा एवं किसान मोेर्चा में भी देखने को मिल रही है। यहां भी ज्यादातर पदाधिकारियों की निष्क्रियता ही नजर आ रही है। चुनावी साल में भी जिले में मोेर्चाओं की ये निष्क्रियता कहीं पार्टी पर भारी न पड़ जाए।
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जहां प्रदेश संगठन, मुख्यमंत्री सहित आला नेता लगातार चुनावी तैैयारियोें मेें जुटे हुए हैैं। पार्टी द्वारा विभिन्न गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैैं, लेकिन सीहोर जिले में इन गतिविधियोें कोे गति देने वाले मोेर्चा के पदाधिकारी पद लेकर घरों में बैठे हैं। इन मोर्चों के अध्यक्ष एवं कुछ पदाधिकारी तो सक्रिय नजर आ रहे हैैं, लेकिन ज्यादातर पदाधिकारी अपनी राजनीतिक साख के जरिए पद लेकर इन पदों का उपयोग अपनेे कामोें केे लिए ज्यादा कर रहे हैं। संगठन एवं मोर्चा के कार्योें कोे लेकर वे निष्क्रिय हैं। जिले मेें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा की भी सक्रियता ज्यादा नजर नहीं आ रही है। मोर्चाओं द्वारा बैठकें आयोजित करके रणनीतियां बनाई जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन मोर्चों का काम कहीं भी नजर नहीं आ रहा है।
इसलिए बढ़ रहा है विरोध-
सीहोर जिले में लगातार भाजपा का विरोध भी देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला होने के बाद भी यहां पर भाजपा की स्थिति मजबूत नजर नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की गई, लेकिन किसानों तक पहुंचने में भाजपा का किसान मोर्चा असफल रहा है। यही कारण है कि किसान कर्जमाफी भी कराना नहीं चाहते हैं। बैंकों मेें बुला-बुलाकर किसानों के आवेदन भरवाए जा रहे हैं, लेकिन किसान फिर भी नहीं पहुंच रहे हैं। किसान मोर्चा पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। इसी तरह सीहोर जिले में लगातार अजा-अजजा के लोग, कार्यकर्ता कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैैं। इनको रोकने में भाजपा का अजा एवं अजजा मोर्चा भी विफल नजर आ रहा है। सीहोर जिले में भाजपा के 19 मंडलों में सभी मोर्चोें के अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी है, लेकिन जमीन पर इन पदाधिकारियोें की सक्रियता कहीं भी नजर नहीं आ रही है।
भाजपा के मंसूबों पर कहीं फिर न जाए पानी-
मध्यप्रदेश में इस वर्ष विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव वर्ष के अंत में होंगे। अभी करीब 6 माह का समय है, लेकिन 6 माह पहले भी पार्टी के मोर्चाओं की ये स्थिति कहीं भारतीय जनता पार्टी के मंसूबोें पर पानी नहीं फेर दे। दरअसल इस बार भाजपा चुनाव में केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोेदी केे कार्यकाल में हुए कामों को लेकर चुनावी मैैदान में उतरनेे की तैैयारी में हैै। इसको लेकर भाजपा द्वारा महाजनसंपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, केंद्रीय संगठन केे पदाधिकारी लगातार प्रदेश के जिलों मेें जाकर केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान हुए कार्योें को जनता के सामनेे गिना रहे हैं, प्रबुद्धजनों से संपर्क कर रहे हैं, मीडिया के माध्यम से उपलब्धि जनता तक पहुंचा रहे हैं। यदि जमीनी स्तर पर काम नहीं होगा तोे कहीं भाजपा के मंसूबों पर पानी नहीं फिर जाए।
संगठन को सक्रिय दिखाने लगातार हो रही बैठकें-
सीहोर जिले में भाजपा एवं मोेर्चाओं की बैठकेें तोे लगातार हो रही है। दरअसल भाजपा द्वारा संगठन ऐप बनाया गया है, जिसमें सभी मोर्चाओं एवं संगठन की बैठकों के बाद फोटोे एवं जानकारी अपलोड करनी होती है। संगठन तक सक्रियता दिखाने के लिए तो सभी मोर्चे लगातार अपनी-अपनी कार्यसमिति, बैठकें कर रहे हैैं, लेकिन चुनावी साल में इन मोर्चों की सक्रियता जमीनी स्तर पर कहीं भी नजर नहीं आ रही है।

इनका कहना है-
चुनावी वर्ष नहीं, बल्कि हर समय भाजपा के मोर्चा अपनी जिम्मेेदारियोें केे साथ अपनेे कार्यों कोे पूरी तरह करते हैं। संगठन द्वारा दिए गए कार्यों कोे करकेे उनकी फोटोे भी संगठन ऐप पर डालना होती है। सभी मोर्चे अपनी-अपनी तय जिम्मेेदारियोें के तहत संगठन एवं सरकार के कार्योें कोे कर रहे हैं।
– रवि मालवीय, भाजपा जिलाध्यक्ष, सीहोर

केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व द्वारा दिए गए कार्यों को मोर्चा पूरी गंभीरता एवं समय पर करता है। मोर्चा के पदाधिकारी भी अपनी-अपनी जिम्मेेदारियां निभा रहे हैैं। चुनावी साल में अब ज्यादा सक्रियता दिखाएंगे।
-माधव सिंह अजा मोर्चा, जिलाध्यक्ष, जिला-सीहोर

हमारे नेतृत्व द्वारा जो भी जिम्मेदारी हमें सौैंपी गई है उसकेे अनुसार कार्य करते हैं। हमारी पदाधिकारी भी जमीनी स्तर पर संगठन कोे मजबूूती देने के लिए लगातार सक्रिय हैं। पदाधिकारियों को भी अपनी-अपनी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
– विनोद कंगाली, जिलाध्यक्ष अजजा मोर्चा, जिला-सीहोर

भाजपा के केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व द्वारा लगातार संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेेदारी जिलों को सौंपी गई है और सभी मिलकर संगठन के कार्यों कोे करने मेें जुटे हुए हैं। लगातार ओबीसी मोर्चा की कार्यसमिति, बैठकेें करके सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां भी दी है और सभी अपनी जिम्मेदारियोें को पूरी तरह निभा रहे हैं। भाजपा की स्थिति मजबूत है और इस बार भी मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार ही बनेगी।
– बनवीर सिंह चंद्रवंशी, जिलाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा, जिला-सीहोर

युवा मोर्चा लगातार मैदान में डटा हुआ है। लगातार हमारे कार्यक्रम चल रहे हैं। जल्द ही युवा मोर्चा विधानसभा स्तर पर बाईक रैली एवं मतदाता सम्मेलन करेगा। इसके साथ ही मोर्चा द्वारा प्रदेश एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से भी संपर्क किया जा रहा है। युवाओं को योजनाओें के बारे में बताया जा रहा है।
– भूपेंद्र पाटीदार, जिलाध्यक्ष युवा मोेर्चा, जिला-सीहोर

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