‘शिवराज’ देश के एकमात्र ऐसे नेता, जो पिछले 1933 दिनों से हर दिन लगा रहे हैं एक पौधा

सीहोर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण की बातें हो रही हैं, वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक अनूठा संकल्प देश और दुनिया के लिए मिसाल बना हुआ है। शिवराज सिंह चौहान देश के एकमात्र ऐसे राजनेता हैं, जो पिछले 5 सालों से बिना एक दिन चूके रोजाना पौधारोपण कर रहे हैं। व्यस्त राजनीतिक जीवन, रैलियों, त्योहारों या अस्वस्थता के बावजूद उनका यह नियम आज साल 2026 में भी अनवरत जारी है और वे 1933 से अधिक दिनों से लगातार प्रकृति की सेवा कर रहे हैं।
बता दें इस ऐतिहासिक संकल्प की शुरुआत 19 फरवरी 2021 को हुई थी, जब शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में पहला पौधा रोपा था। दरअसल साल 2020 में अमरकंटक में आयोजित नर्मदा सेवा यात्रा और पर्यावरणविदों के साथ हुए गहन मंथन के बाद उन्होंने प्रकृति को धन्यवाद देने और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए स्वयं से यह प्रण लिया था, तब वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
केवल भाषण नहीं, खुद उदाहरण बनकर दिया संदेश –
बता दें शिवराज सिंह चौहान के इस संकल्प के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े उद्देश्य थे…
नर्मदा का संरक्षण: नदियों के जलस्तर को बनाए रखने के लिए उनके किनारों पर हरियाली को बढ़ावा देना।
पारिस्थितिकी संतुलन: धरती के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करना और जैव विविधता को बचाना।
जन-आंदोलन बनाना: समाज को केवल मंच से भाषण देने के बजाय खुद जमीन पर काम करके जागरूक करना।
भोपाल का ‘स्मार्ट सिटी पार्क’ बना इस महाअभियान का गवाह
मुख्यमंत्री रहते हुए भोपाल का श्यामला हिल्स स्थित ‘स्मार्ट सिटी पार्क’ (जिसे अब नमो ग्लोबल गार्डन या स्मार्ट सिटी पार्क भी कहा जाता है) इस अभियान का मुख्य केंद्र बना। शिवराज जी ने इस मुहिम को अकेले चलाने के बजाय इसमें जन-भागीदारी को जोड़ा। वे हर सुबह यहां समाज के अलग-अलग वर्गों जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों, खिलाडिय़ों, मेधावी छात्रों, डॉक्टरों और अपना जन्मदिन या अपनों की पुण्यतिथि मनाने वाले आम नागरिकों के साथ मिलकर पौधा लगाने लगे।
देश-विदेश यात्राओं में भी जारी रहा सफर
इस संकल्प की दृढ़ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भी वे मध्य प्रदेश से बाहर दौरों पर रहे, तब भी यह क्रम नहीं टूटा। दिल्ली, मुंबई, उत्तराखंड, असम, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के दौरों के साथ-साथ अपनी विदेश यात्राओं के दौरान भी उन्होंने स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाकर अपने संकल्प को जीवित रखा।

इधर विक्रम मस्ताल शर्मा बोले, नहीं मिले पौधे –

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रतिदिन पौधे लगाने एवं उनके मुख्यमंत्री काल में अभियान चलाकर नर्मदा किनारे लगाए गए 6 करोड़ पौधों को लेकर कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा ने कहा कि मैंने हाल ही में नर्मदा जी की पदयात्रा की है। 6 करोड़ पौधे तो दूर की बात है 600 पौधे नहीं मिले। नर्मदा किनारे पौधे लगाने के दावे जमीनी स्तर से गायब हैं। परिक्रमावासियों को कई जगह पेड़ों की छाया नहीं मिलती है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री रहते हुए खूब जंगल कटवाए हैं और अब प्रतिदिन पौधा लगा रहे हैं। उनकी कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। उन्होंने पहले जमकर नर्मदाजी से रेत का अवैध उत्खनन भी करवाया और अब बैठकों में पेन ड्राइव दिखाने की बात करते हैं।

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