नई दिल्ली में शिवराज की किताब ‘अपनापन’ का भव्य विमोचन
‘मामा’ के गौरवमयी पल के साक्षी बनने सीहोर से दिल्ली पहुंचे जनप्रतिनिधि

सीहोर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिखित बहुप्रतीक्षित पुस्तक अपनापन नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव का आज मंगलवार को देश की राजधानी नई दिल्ली के पूसा स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स में भव्य विमोचन किया गया। सीहोर जिले के लिए यह कार्यक्रम बेहद गौरवमयी और ऐतिहासिक रहा, क्योंकि अपने चहेते नेता और क्षेत्र के मामा के इस विशेष पल का साक्षी बनने के लिए सीहोर जिले से भी बहुत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर से दिल्ली पहुंचे जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जिले के नेताओं ने कहा कि शिवराज जी का सीहोर से पारिवारिक और गहरा नाता है। आज जब उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्मरणों की किताब का विमोचन देश के इतने बड़े मंच पर हो रहा है तो सीहोर जिले का हर एक नागरिक खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। विमोचन समारोह के बाद सीहोर से गए जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री चौहान को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
मंच पर जुटे देश के दिग्गज, कई राज्यों के सीएम रहे मौजूद
इस समारोह में पुस्तक का आधिकारिक विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने किया। कार्यक्रम में देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे एक साथ मंच पर और दीर्घा में नजर आए। समारोह में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और गिरिराज सिंह सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
1991 की एकता यात्रा से अब तक का अनूठा सफर
शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम के दौरान अपनी इस भावुक किताब के बारे में बात करते हुए कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक पुस्तक नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिताए लंबे समय का अपनापन है। इस किताब में वर्ष 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के सभी अनछुए अनुभवों को शामिल किया गया है। बता दें कि 1991 में जब मुरली मनोहर जोशी ने एकता यात्रा निकाली थी, तब नरेंद्र मोदी उसके संगठनात्मक प्रभारी थे और तभी से दोनों नेताओं के बीच बेहद करीबी संबंध हैं।
युवाओं को मिलेगी जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह पुस्तक देश के युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करेगी। इसमें जीवन में अनुशासन, तपस्या, समर्पण और लोगों के साथ अपनापन रखते हुए बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल करने की व्यावहारिक सीख दी गई है। किताब में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्र सेवा और नीति निर्माण के उन व्यक्तिगत पक्षों को उजागर किया गया है, जो अब तक दुनिया के सामने नहीं आए थे।



