एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने एक-एक कर सुनी 31 आवेदकों की पीड़ा, दिए निराकरण के निर्देश

सीहोर। प्रति मंगलवार की भांति इस मंगलवार भी पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के दफ्तर में जनसुनवाई दरबार लगा। पुलिस अधीक्षक सक्सेना ने किसी औपचारिक औपचारिकता के बिना एक-एक कर सभी 31 आवेदकों को अपने पास बुलाया और गंभीरता से उनकी पीड़ा सुनी।
आयोजित इस जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों और शहरी इलाकों से पीडि़त अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। एसपी श्रीमती सक्सेना ने न सिर्फ उनकी फरियाद सुनी, बल्कि कई आवेदकों को मौके पर ही ढांढस बंधाया कि उनके साथ न्याय होगा।
एक-एक फरियादी की सुनी बात
बता दें आमतौर पर जनसुनवाई में आवेदनों को केवल जमा कर लिया जाता है, लेकिन एसपी कार्यालय में हर एक आवेदक को अपनी बात विस्तार से रखने का पूरा मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्रों से आए बुजुर्गों और महिलाओं से बात करते समय पुलिस अधीक्षक का रुख बेहद सहयोगात्मक रहा। जनसुनवाई में पहुंचे कुल 31 फरियादियों की सूची में सबसे अधिक मामले आपसी विवादों और थानों में सुनवाई न होने को लेकर थे।
जमीनी विवाद-धोखाधड़ी की शिकायत
एसपी के सामने पहुंचे 31 आवेदनों में मुख्य रूप से तीन तरह की गंभीर समस्याएं छाई रहीं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई परिवारों ने पैतृक संपत्ति पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे और आपसी खूनी रंजिश की शिकायत दर्ज कराई। व्यापारिक लेन-देन और निजी स्तर पर दिए गए पैसों को हड़पने तथा अमानत में खयानत से जुड़े कई मामले सामने आए। कुछ आवेदकों ने पूर्व में दर्ज मुकदमों में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने या स्थानीय पुलिस द्वारा उचित वैधानिक कार्रवाई न किए जाने की बात एसपी के सामने रखी।
लापरवाही पर थाना प्रभारियों को चेताया
आवेदकों का दर्द सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने तत्काल कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने जनसुनवाई कक्ष से ही संबंधित थाना प्रभारियों और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को फोन नाराजगी जताई। एसपी ने निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों को ठंडे बस्ते में न डाला जाए। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि पीडि़तों को न्याय के लिए थानों के चक्कर न काटने पड़ें। सभी शिकायतों का निराकरण पूरी पारदर्शिता के साथ प्राथमिकता के आधार पर और तय समय-सीमा के भीतर होना चाहिए।
मांगी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट
फरियादियों को संतुष्ट करने के साथ ही एसपी ने अपने अधीनस्थ स्टाफ को निर्देशित किया है कि जनसुनवाई में आए सभी 31 आवेदनों की कंप्यूटर फीडिंग कर उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। संबंधित थानों से जल्द से जल्द एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की गई है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जिस पीडि़ता की पीड़ा एसपी ने खुद सुनी है, उसे धरातल पर न्याय मिला या नहीं।

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