18 जुलाई को विशेष लोक अदालत, चेक बाउंस के 441 मामलों का आपसी समझौते से होगा निपटारा

जिला व तहसील स्तर पर गठित की गईं 09 खंडपीठें, कोर्ट के चक्करों से मिलेगी मुक्ति

सीहोर। लंबे समय से कोर्ट कचहरी में लंबित चेक बाउंस के मामलों से परेशान पक्षकारों के लिए राहत की खबर है। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल के दिशा निर्देशानुसार आगामी 18 जुलाई को जिला एवं तहसील स्तर पर विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह-समझौते के जरिए लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करना है।
इस विशेष लोक अदालत में मुख्य रूप से धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत आने वाले चेक बाउंस के उन मामलों को लिया जाएगा, जो वर्तमान में न्यायालयों में लंबित हैं या फिर जो प्री लिटिगेशन न्यायालय में आने से पहले के स्तर पर चरण में हैं।
जिला सहित पांच तहसीलों में लगेंगी अदालतें
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष लोक अदालत केवल जिला मुख्यालय सीहोर में ही नहीं, बल्कि जिले की सभी पांच प्रमुख तहसीलों (आष्टा, बुधनी, भैरूंदा एवं इछावर) के तहसील न्यायालयों में भी एक साथ आयोजित की जाएगी।
मामलों के निपटारे के लिए बनीं 09 खंडपीठें
विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार विशेष लोक अदालत को सुचारू रूप से चलाने और मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 09 खंडपीठों का गठन किया गया है। इस लोक अदालत के माध्यम से निराकरण के लिए कुल 441 प्रकरणों को चिन्हित किया गया है। लोक अदालत के मुख्य दिन से पहले ही इन मामलों में प्री सिटिंग का दौर जारी है्र ताकि दोनों पक्षों के बीच पहले ही सहमति बनाई जा सके और 18 जुलाई को अधिक से अधिक मामलों का अंतिम रूप से निराकरण कर पक्षकारों को राहत दी जा सके।
बिना किसी फीस और कड़वाहट के सुलझाएं विवाद
विधिक सेवा प्राधिकरण ने चेक बाउंस से जुड़े सभी संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे इस सुनहरे मौके का लाभ उठाएं। लोक अदालत में आपसी समझौते से तय होने वाले मामलों में किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों के बीच की कड़वाहट हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। इसके साथ ही पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है।

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