जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स पर अभद्रता का आरोप, दांगी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

सीहोर। जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के दुव्र्यवहार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला एक प्रसूता और उसके नवजात बच्चे के साथ हुई अभद्रता का सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित दांगी समाज के दर्जनों लोगों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की और दोषी स्टाफ नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार श्यामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने पुत्र को जन्म दिया था। जन्म के कुछ समय बाद ही नवजात की तबीयत बिगडऩे लगी, जिस पर वहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सीहोर रेफर कर दिया। परिजन उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन वहां का अनुभव बेहद कड़वा रहा।
आधी रात को निजी अस्पताल जाने की आई नौबत
परिजनों का आरोप है कि जब वे नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचे, तो वहां ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने उनके साथ बेहद अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया। परिजनों ने बताया कि नर्स के व्यवहार से वे इतने आहत और भयभीत हुए कि उन्हें रात के अंधेरे में ही अपने बच्चे की जान बचाने के लिए उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज मिलना तो दूर, वहां उन्हें अपमानित होना पड़ा।
दांगी समाज ने खोला मोर्चा
इस घटना की जानकारी मिलते ही दांगी समाज के प्रतिनिधि और सदस्य बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात कर्मचारी जनता के सेवक हैं, न कि उनके साथ दुव्र्यवहार करने के लिए। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि आरोपी स्टाफ नर्स को तत्काल चिन्हित कर उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
भविष्य में पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी
समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मांग की है कि जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी गरीब या असहाय मरीज के साथ इस तरह का व्यवहार न हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं होती है तो समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।



