जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कलेक्टर के निर्देश पर तैनात हुआ अमला

सीहोर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढऩे की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर बालागुरु के. के निर्देशानुसार नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए जिले के सभी जल पर्यटन और जोखिमपूर्ण स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से नदी, तालाब, डैम, वॉटरफॉल और जलाशयों पर आमजन की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मुस्तैदी से तैनाती कर दी गई है।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करते हुए सभी संवेदनशील स्थलों पर तैनात कर्मचारियों को चौबीसों घंटे सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं। ये कर्मचारी न केवल नागरिकों को जोखिमपूर्ण एवं गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से रोक रहे हैं, बल्कि वहां पहुंचने वाले सैलानियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं।
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लगाए गए चेतावनी फ्लेक्स
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने जिले के प्रमुख जल पर्यटन स्थलों और संवेदनशील पॉइंट पर चेतावनी संबंधी बड़े-बड़े फ्लेक्स और सूचना बोर्ड लगवाए हैं। इन बोड्र्स के माध्यम से आम नागरिकों को जलभराव वाले रास्तों, नदियों के तेज बहाव और गहरे पानी की स्थिति के प्रति आगाह किया जा रहा है और उनसे इन स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
कलेक्टर की नागरिकों से अपील
कलेक्टर बालागुरु के. ने जिले के समस्त नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से बेहद संवेदनशील अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के दौरान सभी नागरिक अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। भारी बारिश के इस दौर में नदी, तालाब, डैम, वॉटरफॉल एवं अन्य जलाशयों के आसपास पिकनिक मनाने या अनावश्यक रूप से घूमने बिल्कुल न जाएं। प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें, स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर प्रतिबंधित या खतरनाक जल स्रोतों के करीब जाता पाया गया तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।



