
सीहोर। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के चकल्दी से छात्रों और युवाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जिले के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के कथित निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन के बैनर तले तीन दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत चकल्दी से की गई। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए, जिनके हाथों में तिरंगे और लाल झंडे नजर आए।
आंदोलन की शुरुआत चकल्दी में आयोजित एक बड़ी सभा के साथ हुई। इसके बाद शुरू हुई पदयात्रा में शामिल युवाओं ने शिक्षा का ना हो व्यापार, ज्ञान पर हो सबका अधिकार और शिक्षा अधिकार है, सौदा नहीं, जैसे जोरदार नारे लगाए। यह पदयात्रा अगले तीन दिनों में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से होकर गुजरेगी, ताकि आम जनता को इस आंदोलन की मांगों और शिक्षा के व्यवसायीकरण के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।
सरकार पर शिक्षा के व्यवसायीकरण का आरोप
पदयात्रा से पूर्व हुई सभा को संबोधित करते हुए विद्यार्थी नेताओं ने राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी आईटीआई का निजीकरण छात्र, शिक्षा और जनविरोधी कदम है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा का व्यवसायीकरण होता है तो पढ़ाई का अवसर योग्यता के बजाय पैसे के दम पर तय होगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्र तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाएंगे।
चकल्दी आईटीआई समेत संगठन की 5 मुख्य मांगें
निजीकरण पर रोक: चकल्दी आईटीआई सहित प्रदेश के सभी 16 सरकारी आईटीआई संस्थानों के निजीकरण और व्यवसायीकरण के फैसले को तुरंत रद्द किया जाए।
चकल्दी आईटीआई का विस्तार: चकल्दी स्थित आईटीआई में 6 नए ट्रेड शुरू किए जाएं और स्थानीय स्तर पर छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप सेंटर की व्यवस्था की जाए।
मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: केजी से लेकर पीजी तक की पढ़ाई पूरी तरह निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण बनाई जाए।
बजट और शिक्षक भर्ती: सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई को पर्याप्त बजट दिया जाए तथा शिक्षकों व प्रशिक्षकों के सभी खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए।
छात्र सुविधाएं: सभी विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति, छात्रावास, अध्ययन सामग्रियां और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
कलेक्टर कार्यालय पर होगा समापन
क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन ने छात्रों और आम नागरिकों से सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। यह तीन दिवसीय पदयात्रा सीहोर स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर समाप्त होगी, जहां एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार इस सभा में आंदोलन के अगले चरण और भावी रणनीति का ऐलान किया जाएगा।