पुलिस की चेतावनी को हल्के में लेना पड़ा महंगा…

सीहोर। शासन के नियमों और पुलिस की सख्त हिदायत के बावजूद तेज आवाज में ध्वनि प्रदूषण करने वाले डीजे संचालकों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आष्टा पुलिस ने देर रात लक्ष्मी इवेंट के ड्रैगन डीजे पर कार्रवाई करते हुए न केवल उसे जप्त किया, बल्कि कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण भी दर्ज किया है।
गौरतलब है कि बीते 13 फरवरी को पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में थाना आष्टा परिसर में डीजे और मैरेज गार्डन संचालकों की एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में एसडीओपी दामोदर गुप्ता और थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बुजुर्गों, बच्चों के स्वास्थ्य और परीक्षार्थियों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए देर रात तक या प्रतिबंधित क्षेत्रों अस्पताल, स्कूल, न्यायालय के पास डीजे बजाना पूरी तरह वर्जित है। लेकिन शुजालपुर से आए इस डीजे संचालक ने इन निर्देशों को दरकिनार कर दिया।
रात 11 बजे तक गूंज रहा था शोर
जानकारी के अनुसार भोपाल रोड के पास लक्ष्मी इवेंट का ड्रैगन डीजे देर रात करीब 11 बजे तक कान फोड़ू आवाज में बज रहा था। तेज शोर से परेशान जागरूक नागरिकों ने इसकी सूचना तत्काल आष्टा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पाया कि नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पुलिस ने तुरंत डीजे बंद कराया और पिकअप वाहन सहित पूरा सामान जप्त कर लिया।
इन पर हुई कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 7/15 के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी सुरेश कुशवाहा निवासी मांगरौला शुजालपुर और भारत पूर्वीया निवासी अमलार राजगढ़ के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
पुलिस की अपील, नियमों का करें पालन
थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने आमजन और डीजे संचालकों से अपील की है कि वे ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि शादी-विवाह के सीजन में यदि कोई भी संचालक निर्धारित समय सीमा के बाद या तेज आवाज में डीजे बजाता पाया गया तो उस पर इसी तरह कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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