कार्तिकेय से शिक्षिका की गुहार, कीचड़ में पढ़ाई करने को मजबूर 95 बच्चे, आंखों में आंसू लेकर मांगी मदद

सीहोर। बारिश के मौसम में सरकारी स्कूलों के खस्ताहाल इंतजामों की पोल खोलती एक मार्मिक तस्वीर नीलकंठ से सामने आई है। यहां के शासकीय स्कूल में बारिश का पानी भरने और चारों तरफ फैले कीचड़ से 95 मासूम बच्चों की पढ़ाई और खेलकूद बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान की कांवड़ यात्रा के दौरान एक शिक्षिका ने अपने आंसुओं के साथ यह दर्द बयां किया।
कांवड़ यात्रा जब नीलकंठ पहुंची, तब स्कूल की शिक्षिका ने कार्तिकेय चौहान से मुलाकात की। समस्या बताते समय शिक्षिका अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उनके साथ स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे भी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर खड़े थे, जिन पर स्कूल मैदान को पक्का कराने की गुहार लिखी थी। बच्चों का कहना है कि मैदान में पानी भरने के कारण वे न तो सुबह की प्रार्थना कर पाते हैं और न ही खेल गतिविधियों में हिस्सा ले पाते हैं।
रास्ते से लेकर मैदान तक सिर्फ कीचड़
स्कूल के मुख्य रास्ते और परिसर में जगह-जगह गहरा कीचड़ जमा है। बच्चों को रोजाना इसी जोखिम भरे और कीचडय़ुक्त रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्थानीय सरपंच और पंचायत प्रशासन पर इन मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगा है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हर साल बारिश में मासूम बच्चों को इस स्थिति से क्यों गुजरना पड़ता है।
कार्तिकेय ने दिया समाधान का आश्वासन
शिक्षिका और बच्चों की व्यथा सुनने के बाद कार्तिकेय चौहान ने उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि बच्चों और स्कूल से जुड़ी यह समस्या बेहद गंभीर है। मैदान को पक्का कराने और रास्ते की मरम्मत कराने का काम उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा और इसका जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

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