Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

धूल और प्रदूषण से बेहाल जनता का फूटा गुस्सा, बिलकिसगंज रोड पर ग्रामीणों ने दिया धरना

सीहोर। सडक़ निर्माण के कारण उड़ती धूल, बढ़ते प्रदूषण और घटिया निर्माण कार्य से परेशान होकर चंदेरी, ढाबला और बिलकिसगंज के सैकड़ों ग्रामीणों, किसानों और व्यापारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिलकिसगंज जोड़ चौराहे पर धरना देकर लोक निर्माण विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और सडक़ जाम कर दी।
ग्रामीणों का मुख्य विरोध च्ॅक् के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि विभाग के इंजीनियर भेरूलाल अहिरवार को तत्काल प्रभाव से जिले से हटाया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी न तो जनता की समस्या सुनते हैं और न ही जनप्रतिनिधियों का फोन उठाते हैं।
धूल से बीमार हो रहे हैं बच्चे और बुजुर्ग
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले चार-पांच महीनों से सीहोर-भोपाल सडक़ का निर्माण चल रहा है। खुदाई और भारी वाहनों के कारण दिन भर धूल उड़ती है, जिससे दुकानों और घरों में धूल की मोटी परत जम गई है। नियमित रूप से पानी का छिडक़ाव न होने के कारण बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में तकलीफ, खांसी और आंखों में जलन जैसी बीमारियां हो रही हैं।
घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुराने डामर रोड को निकालकर उसमें मिलावट की जा रही है और निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पहले भोपाल जाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव और पीडब्ल्यूडी मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें सडक़ पर उतरना पड़ा।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
धरने में मुख्य रूप से समाजसेवी एमएस मेवाड़ा, राजेंद्र वर्मा, धीरू राठौर, प्रीतम सिंह मेवाड़ा, गब्बर मेवाड़ा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रतिदिन पानी का छिडक़ाव शुरू नहीं किया गया और घटिया निर्माण पर रोक नहीं लगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button