
सीहोर। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 159 के राजनीतिक इतिहास को लेकर सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प चर्चा छिड़ गई है। मामला सीहोर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुदेश राय की एक फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिस पर वरिष्ठ बीजेपी नेता गौरव सन्नी महाजन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पोस्ट की जानकारी को अधूरी बताया है।
दरअसल, विधायक सुदेश राय के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से सीहोर विधानसभा क्षेत्र में 1957 से लेकर अब तक निर्वाचित हुए सभी विधायकों की एक जानकारी साझा की गई थी। इस सूची में वर्ष 1957 से लेकर 2023 तक के विधानसभा चुनावों के परिणाम और विजेताओं के नाम जैसे उमराव सिंह, इनायतुल्लाह खान, आर. मेवाड़ा, अजीज कुरैशी, सविता बाजपेयी, सुंदरलाल पटवा, शंकर लाल, मदन लाल त्यागी, रमेश सक्सेना और स्वयं सुदेश राय शामिल हैं।
भाजपा नेता ने दिलाया 1958 के उपचुनाव का याद
विधायक राय की इस पोस्ट पर वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव सन्नी महाजन ने अपनी बात रखते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा प्रिय विधायक जी आपके द्वारा पोस्ट में अधूरी जानकारी दी गई है।
गौरव महाजन ने सीहोर विधानसभा के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पन्ना साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1958-59 के दौरान सीहोर विधानसभा में उपचुनाव हुआ था। इस उपचुनाव में भारतीय जनसंघ के प्रत्याशी दीवानचंद महाजन ने कांग्रेस उम्मीदवार अमरचंद रोहिला को लगभग 10 हजार मतों के बड़े अंतर से पराजित किया था।
अटल बिहारी वाजपेयी ने संभाली थी प्रचार की कमान
गौरव महाजन ने इस ऐतिहासिक चुनाव के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1958 के इस उपचुनाव का विशेष आकर्षण यह था कि जनसंघ के तत्कालीन युवा नेता और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रत्याशी दीवानचंद महाजन के समर्थन में मुख्य स्टार प्रचारक के रूप में सीहोर पहुंचकर चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी।
स्व. दीवानचंद महाजन के पौत्र हैं गौरव
गौरतलब है कि इस तथ्य को सामने लाने वाले भाजपा नेता गौरव सन्नी महाजन सीहोर जनसंघ के कद्दावर नेता रहे स्व. दीवानचंद महाजन के पौत्र हैं। विधायक की पोस्ट में उपचुनाव और जनसंघ की इस पहली बड़ी जीत का उल्लेख न होने के कारण उन्होंने यह जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की।
हालांकि बीजेपी नेता गौरव सन्नी महाजन की इस पोस्ट के बाद विधायक सुदेश राय की और से कोई जानकारी साझा नहीं की है, कि उनकी जानकारी सही है या अधूरी।