
सीहोर। प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के क्षेत्र इछावर से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक चिंताजनक तस्वीर जिला सामने आई है। यहां मरीजों की लाइफलाइन कही जाने वाली 108 एम्बुलेंस खुद इतनी बीमार हो चुकी है कि उसे आगे बढ़ाने के लिए स्कूल से लौट रहे मासूम बच्चों का सहारा लेना पड़ा। तहसील के ग्राम नादान में बीच सडक़ पर एम्बुलेंस के अचानक खराब होने और बच्चों द्वारा उसे धक्का लगाने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सरकारी दावों की हवा निकाल दी है।
जानकारी के अनुसार घटना इछावर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम नादान की है। यहां मरीजों को आपातकालीन सेवा देने वाली 108 एम्बुलेंस अचानक सडक़ के बीचों-बीच जाकर बंद हो गई। चालक ने चाबी घुमाकर वाहन को दोबारा स्टार्ट करने की काफी कोशिश की, लेकिन इंजन ने जवाब दे दिया। तकनीकी खराबी के कारण एम्बुलेंस टस से मस नहीं हुई। ग्रामीण इलाके में तत्काल कोई मैकेनिक या तकनीकी सहायता उपलब्ध न होने से चालक असहाय खड़ा रहा।
बच्चों ने लगाया धक्का
एम्बुलेंस को बीच सडक़ पर खराब खड़ा देख आसपास के ग्रामीण और उसी समय स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौट रहे छात्र मदद के लिए आगे आए। जिन हाथों में स्कूल के बस्ते और किताबें होनी चाहिए थीं, उन नौनिहालों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की इस गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए पूरा जोर लगा दिया। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने मिलकर एम्बुलेंस को काफी दूर तक धक्का लगाया, तब जाकर वाहन को सडक़ किनारे कर आगे बढ़ाया जा सका।
गंभीर मरीज होता तो कौन होता जिम्मेदार
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती थी। यदि उस वक्त एम्बुलेंस के अंदर कोई दिल का मरीज, दुर्घटना में घायल व्यक्ति या कोई गर्भवती महिला होती और अस्पताल पहुंचने में ऐसी देरी होती, तो मरीज की जान जा सकती थी।
स्वास्थ्य विभाग ने बैठा दी जांच
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एम्बुलेंस में अचानक आई किसी तकनीकी खराबी के कारण यह स्थिति बनी थी। विभाग का दावा है कि सभी अनुबंधित एम्बुलेंसों के नियमित रखरखाव के सख्त निर्देश पहले से ही लागू हैं। बहरहाल वीडियो वायरल होने और मामला तूल पकडऩे के बाद विभाग ने इस पूरी घटना की जांच के निर्देश दे दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक खराबी के असल कारणों का पता लगाया जा रहा है और संबंधित वेंडर/एजेंसी को सख्त हिदायत दी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक स्थिति दोबारा न बने।