
सीहोर। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तरीय मेरिट सूची में स्थान पाकर जिले का गौरव बढ़ाने वाले विद्यार्थियों का गुरुवार को कलेक्ट्रेट में गरिमामयी सम्मान किया गया। कलेक्टर बालागुरु के. और जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने इन होनहारों का फूलमाला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर उत्साहवर्धन किया। इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों को सफलता के सूत्र बताते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का मंत्र दिया।
छात्रों को संबोधित करते हुए कलेक्टर बालागुरु के. ने कहा कि मेहनत और लगन के साथ दृढ़ संकल्प ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने मार्गदर्शन देते हुए कहा परिश्रम तभी सार्थक होता है जब वह सही दिशा में किया जाए। आपने जो लक्ष्य चुना है, बस उसी की ओर निरंतर बढ़ते रहें। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सीख दी कि जीवन उतार-चढ़ाव से भरा है, लेकिन विषम परिस्थितियों में भी खुद पर विश्वास बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को हर दिन अखबार और मैगजीन पढऩे की सलाह दी ताकि वे दुनिया की खबरों से अपडेट रह सकें।
असफलता से न हों निराश
जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अगर कभी असफलता मिले तो निराश होने की बजाय उसमें बेहतर अवसर खोजना चाहिए। उन्होंने कहा जीवन में कभी कुछ समाप्त नहीं होता, शिक्षा और ज्ञान हमेशा काम आते हैं। इस खास मुलाकात के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने स्वयं के संघर्ष और आईएएस अधिकारी बनने तक के सफर के अनुभव भी बच्चों के साथ साझा किए, जिसे सुनकर विद्यार्थी बेहद प्रेरित नजर आए।
जिले के इन सितारों का हुआ सम्मान
सम्मान समारोह में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई।
श्लोक प्रजापति: 12वीं गणित संकाय में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान 98.60 प्रतिशत।
भव्य कुशवाह: 10वीं कक्षा में प्रदेश में 10वां स्थान 98 प्रतिशत।
प्रिंसी विश्वकर्मा: 12वीं जीव विज्ञान समूह में प्रदेश में 5वां स्थान 97.40 प्रतिशत।
श्रतु मेवाड़ा: 12वीं वाणिज्य संकाय में प्रदेश में 9वां स्थान 96.40 प्रतिशत।
हर्षिता जैन: 12वीं कला संकाय में प्रदेश में 9वां स्थान 96.20 प्रतिशत।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर, डीपीसी रमेश राम उइके, स्कूलों के प्राचार्य और बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि यह तो सिर्फ एक पड़ाव है, अभी पूरा आसमान छूना बाकी है।