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सीहोर जिले में भी दिखी महाकाल लोक की छटा, मंदिरों को सजाया, हवन-पूजन, भजन-कीर्तन हुआ

सीहोर के चिंतामन गणेश मंदिर पर हुई साज-सज्जा, सलकनपुर स्थित बिजासन माता मंदिर में हुआ हवन, रेहटी मेें हनुमान चौक स्थित मंदिर में दिखाया सीधा प्रसारण, विशेष पूजा-अर्चना भी हुई

सीहोर। उज्जैन में महाकाल लोक कार्यक्रम की छटा सीहोर जिलेभर में नजर आई। महाकाल लोक को लेकर जहां सीहोेर जिले के मंदिरोें मेें भव्य साज-सज्जा हुई तोे वहीं हवन, पूजन, भजन, कीर्तन भी हुए। इस दौरान जगह-जगह उज्जैन में हुई कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इस मौके पर वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियोें सहित आम लोग भी बड़ी संख्या मेें नजर आए।  मंगलवार का दिन मध्यप्रदेश सहित सीहोेर जिले के लिए भी ऐतिहासिक दिन रहा। इस दिन जहां उज्जैन में महाकाल लोक पर्व की धूमधाम रही तो इस आयोजन को लेकर संपूर्ण सीहोर जिले में भी रौनक रही। दीपावली से पहले ही सीहोरवासियों ने खुशियां मनाईं, दीप जलाए औैर उत्साह केे साथ महाकाल लोक लोकार्पण पर्व का आनंद लिया। लोेग अपने-अपने घरों में टीवी के सामने महाकाल लोक का सीधा प्रसारण देखते रहे। नगरों में भी कई जगह कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इस दौरान मंदिरोें में विशेष कार्यक्रमों का आयोेजन किया गया।
सीहोर में चिंतामन श्रीगणेेश मंदिर को सजाया-
महाकाल लोक पर्व को लेकर सीहोर स्थित चिंतामन श्रीगणेेश मंदिर की भव्य साज-सज्जा की गई। इस दौरान मंदिर में भी विशेेष पूजा-अर्चना हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग यहां पर पहुंचे। श्रीगणेश चिंतामन मंदिर का भी इतिहास रहा है। यह मंदिर भारत की चार स्वयंभू मूर्तियों में से एक है। चिंतामन गणेश मंदिर सीहोर जिले का प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक धार्मिक स्थल होने के रूप में पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां के चिंतामन गणेश भारत में स्थित चार स्वयंभू मूर्तियों में से एक माने जाते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, यह उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के समय का मंदिर है और मराठा पेशवा बाजीराव के द्वारा नवीनीकृत किया गया है। सीहोर के गणपति के बारे में कहा जाता है कि भगवान गणपति आज भी यहां साक्षात मूर्ति रूप में निवास करते हैं। यह भी मान्यता है कि यहां विराजे गणेश जी को सच्चे मन से पूजने पर वे कभी भी अपने भक्तों को खाली हाथ नहीं जाने देते।
सलकनपुर में हुआ हवन-पूजन एवं भजन का आयोजन-
सलकनपुर स्थित मां बिजासन धाम पर महाकाल लोक को लेकर हवन एवं विशेेष पूजन किया गया। इसके बाद शाम को भजन संख्या का कार्यक्रम भी रखा गया। महाकाल लोक पर्व कोे लेकर सलकनपुर मंदिर समिति के अध्यक्ष महेश उपाध्याय, मंदिर समिति के सदस्य अरविंद दुबे, रिखीराम यादव, रामगोपाल टेलर, समिति सचिव आरके दुबेे, मंदिर के महंत प्रभुदयाल शर्मा, प्रमोेद उपाध्याय सहित अन्य स्टॉफ द्वारा हवन एवं विशेष पूजन की गई। इसके बाद भजन का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान बुधनी एसडीएम राधेश्याम बघेल, रेहटी तहसीलदार केएल तिलवारी, बुधनी जनपद पंचायत सीईओ देवेश सराठे सहित मंदिर के महंत, पुजारी व आम नागरिक मौजूद रहे। सलकनपुर मंदिर का भी इतिहास रहा है। सलकनपुर स्थित मां बिजासन धाम राजधानी भोपाल से 70 किलोमीटर दूर विध्यांचल पर्वत पर विराजमान हैं। विध्यांचल पर्वत पर विराजमान होने के कारण इन्हें विध्यवासिनी देवी के नाम से भी जाना जाता है। यहां हर साल शारदीय एवं चैत्र नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में देश-विदेश से भक्तों का आगमन होता है और यहां बड़ा मेला भी लगता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवताओं की प्रार्थना पर देवी ने राक्षस रक्तबीज को समाप्त कर दिया था, तब देवी का नाम विजयासन पड़ा था। विजयासन देवी की पूजा कई लोग अपनी कुल देवी के रूप में भी करते हैं। इनकी बड़ी बहन मेहरूगांव में विराजमान हैैं एवं वे सातोें समुदाय की कुलदेेवी के रूप में घर-घर पूजाती हैं।
रेहटी सहित अन्य जगह भी हुआ कार्यक्रम का आयोजन-
महाकाल लोक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण रेहटी स्थित हनुमान चौक पर हनुमान मंदिर मेें भी किया गया। इस दौरान यहां पर एलइडी पर सीधा प्रसारण दिखाया गया। इससे पहले हनुमान मंदिर में आरती का आयोजन किया गया। महाकाल लोक पर्व कार्यक्रम का शुभारंभ यहां भी विधिवत दीप प्रज्जवलित कर बाबा महाकाल के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। इस दौरान नगर के वरिष्ठ समाजसेवी केके पालीवाल, नगर परिषद अध्यक्ष राजेंद्र मीना पटेल, भाजपा सलकनपुर मंडल अध्यक्ष प्रेमनारायण मीणा, भाजपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल टेलर, भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष बनवीर सिंह चंद्रवंशी, मंडल महामंत्री पुरूषोत्तम यादव, गजराज सिंह पटेेल, मनोहर लाल माहेश्वरी सहित नगर परिषद के पार्षदगण एवं आम नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान यहां पर दीपों से स्वास्तिक बनाया गया। इधर सीहोर के मनकामेेश्वर मंदिर, आष्टा के प्राचीन शिव मंदिर, नसरूल्लागंज के समीप नीलकंठ में प्राचीन मंदिर सहित जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
महाकाल लोक के लोकार्पण पर मंदिरों में जलाए दीप-
सीहोर नगर में भी महाकाल लोक के लोकार्पण के अवसर को भव्य और यादगार बनाया गया। उज्जैन में हो रहे इस कार्यक्रम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए सभी मंदिरों में भजन कीर्तन और लाइव टेलिकास्ट की व्यवस्था की गई थी। इस मौके पर नगर पालिका और प्रशासन की ओर से शहर के तहसील चौराहा स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर और प्रसिद्ध गणेश मंदिर, छावनी नमक चौराहा सिद्ध हनुमान मंदिर पर विद्युत साज-सज्जा के अलावा हजारों की संख्या में दिए लगाए गए, जिससे दीपावली से पहले ही पूरा शहर जगमगा उठा था। करीब छह बजे विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर, एसडीएम अमन मिश्रा, सीएमओ योगेन्द्र पटेल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा सहित सभी पार्षदों, गणमान्य नगरिकों और क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा महाकाल लोक के लोकार्पण का लाइव प्रसारण दिखाई गया। इस मौके पर विधायक श्री राय ने नगर पालिका अध्यक्ष श्री राठौर और नपा के इंतजाम के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने हमारे प्रदेश के महाकाल मंदिर को विश्व के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटक के रूप में विकसित किया है। इस दौरान विधायक सुदेश राय, नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर, कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर सहित सभी उपस्थितजनों ने दीप प्रज्जवलित कर मंदिर परिसर को जगमग कर दिया। इस मौके पर मंदिर परिसर में लाइव प्रसारण के लिए शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष व्यवस्था की गई थी। प्रधानमंत्री द्वारा उज्जैन श्रीमहाकाल मंदिर के विस्तार संबंधी निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इसी के चलते कार्यालय कलेक्टर धर्मस्व विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए नगरपालिका द्वारा भी समुचित व्यवस्थाएं की गई, नगरपालिका द्वारा नगर के दर्जनों मंदिर परिसर की सफाई की गई, वहीं श्रद्धालुओं के बैठने के लिए कुर्सियों के इंतेजाम किए गए।

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