बीच सडक़ से नाली निकालने के विवाद में मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को सजा, 1-1 साल का कारावास और जुर्माना

सीहोर। बीच सडक़ से नाली निकालने और जमीन पर कब्जे के पुराने विवाद को लेकर एक वृद्ध के साथ लाठी-डंडों से जानलेवा मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विषद गुप्ता की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और कुल तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार घटना 15 दिसंबर 2023 की है। थाना अहमदपुर के ग्राम बनखेड़ा में सरपंच द्वारा सीसी रोड और बीच सडक़ से नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। फरियादी हिरदेश की उसके घर के सामने जमीन है, जिसे उसने अपने पड़ोसी कमला बाई को करीब 6 महीने पहले गाय बांधने के लिए दिया था। आरोप है कि कमला बाई वहां गाय बांधने के साथ-साथ कंडे बनाने लगी और घूड़ा (कचरा) डालकर उस जमीन पर अपना हक जताने लगी। इसी बात को लेकर 15 दिसंबर 2023 को नाली निर्माण के दौरान विवाद हुआ था।
वृद्ध के साथ की थी लाठी-डंडों से मारपीट
विवाद के बाद आरोपी कमला बाई और उसके दो बेटों महेश और कपिल ने फरियादी की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर उसके पिता भागीरथ को घेर लिया। आरोपियों ने उन्हें मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। जब परिचित राजेश ठाकुर के बताने पर फरियादी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो तीनों आरोपी यह धमकी देते हुए वहां से भाग गए कि आज तो इतना मारा है, आइंदा अगर हमारी जमीन को अपना कहा तो जान से खत्म कर देंगे।
पीडि़त पक्ष की शिकायत पर थाना अहमदपुर में आरोपियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर चालान पत्र न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सहायक जिला अभियोजन अधिकारी हिमांशु सर्राफ द्वारा प्रस्तुत गवाहों, सबूतों और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी मानत हुए एक-एक वर्ष की सजा सुनाई।



