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जहरीली हल्दी ने ली 200 भेड़ों की जान, पीडि़त पशुपालकों ने मांगा मुआवजा

सीहोर। जिले की आष्टा तहसील के ग्राम मैना के पास एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कथित रूप से जहरीली और मिलावटी हल्दी खाने से करीब 200 भेड़ों की मौत हो गई। इस बड़ी आर्थिक क्षति से टूट चुके राजस्थान के गरीब पशुपालकों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय पशुपालक संघ मैदान में उतर आया है। सोमवार को संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर जमील खान को ज्ञापन सौंपा।
बता दें राजस्थान के जालोर जिले से पारंपरिक मौसमी चराई के लिए आए पशुपालक नागाराम देवासी और हरतिगा राम देवासी अपनी करीब 250 भेड़ों के साथ आष्टा के ग्राम मैना के पास रुके हुए थे। 24 फरवरी को उन्होंने आष्टा हाट बाजार से एक व्यापारी से हल्दी खरीदी थी। हल्दी खिलाने के कुछ ही देर बाद भेड़ों को तेज बुखार आया और उनके मुंह से झाग निकलने लगा। देखते ही देखते 200 भेड़ों ने दम तोड़ दिया, जबकि 50 भेड़ें अब भी गंभीर स्थिति में हैं।
दोषी दुकानदार पर कार्रवाई की मांग
राष्ट्रीय पशुपालक संघ के अध्यक्ष जवाहर देवासी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि मिलावटी और जहरीली हल्दी बेचने वाले दुकानदार की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पशु चिकित्सा और राजस्व विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर मृत भेड़ों का पंचनामा तैयार करे। पीडि़त परिवारों को प्रति मृत भेड़ के अनुसार उचित मुआवजा राशि शीघ्र प्रदान की जाए। बीमार बची हुई भेड़ों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
पशुपालकों पर टूटा दुखों का पहाड़
पशुपालकों का कहना है कि यह भेड़ें ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन थीं। इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत से उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है और परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में पशुपालक और संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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