सलकनपुर में मंदिर समिति के स्पष्टीकरण पर व्यापारियों की आपत्ति, बोले- व्यापारी हमेशा मदद करते हैं, लड़ाई नहीं
Sumit Sharma
सीहोर। जिले के प्रसिद्ध धाम सलकनपुर मंदिर में देवास के श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद मंदिर समिति द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को लेकर अब सलकनपुर के व्यापारियों ने आपत्ति जताई है। दरअसल श्रीदेवी जी मंदिर समिति सलकनपुर ने लिखित में दिए स्पष्टीकरण में कहा है कि घटना का सच केवल इतना है कि कुछ दर्शनार्थियों एवं गेट नंबर एक पर तैनात कर्मचारियों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। विवाद शांत होने के बाद दर्शनार्थी दर्शन करने मंदिर पहुंचे। मंदिर से दर्शन कर वापस आते समय मंदिर परिसर से बाहर, बेरियर के पास दैनिक वेतन पर काम करने वाले कुछ अस्थायी मजदूरों, सफाईकर्मियों, स्थानीय दुकानदार एवं दर्शनार्थियों के बीच विवाद में हाथापाई एवं मारपीट हुई। व्यापारी मदद के लिए आगे आते हैं- सलकनपुर के व्यापारियों का कहना है कि वे यहां आने वाले लोगों की हमेशा मदद करते हैं, लेकिन मंदिर समिति द्वारा स्पष्टीकरण में उन्हें भी इस लड़ाई में शामिल किया गया है, जबकि उनका लड़ाई से कोई लेना-देना है। व्यापारियों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि व्यापारी मदद के लिए आगे आते हैं, लड़ाई के लिए कभी आगे नहीं आए। मंदिर एवं मंदिर के रास्तों पर जब भी कोई घटना-दुर्घटना होती है तो सबसे पहले व्यापारी ही वहां पर मदद के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सलकनपुर मंदिर समिति द्वारा व्यापारियों को भी इस लड़ाई में शामिल करना उचित नहीं है। व्यापारियों ने मंदिर समिति के स्पष्टीकरण में लिखे उन शब्दों पर भी कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें कहा गया है कि उक्त घटना के परिपेक्ष्य में मंदिर समिति द्वारा सभी कर्मचारियों, मजदूरों, सफाईकर्मियों एवं स्थानीय दुकानदारों को चेतावनी देते हुए सख्त हिदायत दी गई है कि दर्शनार्थियों या किसी भी अन्य व्यक्ति के साथ भविष्य में इस प्रकार का कोई भी अभद्र कृत्य करने का प्रयास न किया जाए। अन्यथा तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंदिर समिति माफी मांगे, खेद भी व्यक्त करे- सलकनपुर व्यापारी संघ के अध्यक्ष अनिरूद्ध दुबे ने कहा कि मंदिर समिति द्वारा लड़ाई में व्यापारियों को घसीटना उचित नहीं है। सलकनपुर के दुकानकार हमेशा घटना-दुर्घटना में सबसे पहले मदद के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस लड़ाई में उन्हें भी शामिल करना व्यापारियों का अपमान है। सलकनपुर में दुकान लगाकर व्यापार कर रहे व्यापारी दर्शनार्थियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक रवैया रखते हैं, उनकी मदद करते हैं। ऐसे में मंदिर समिति द्वारा व्यापारियों को भी अल्टीमैटम देना ठीक नहीं है। यह व्यापारियों का अपमान है। इसके लिए मंदिर समिति व्यापारियों से माफी मांगे और खेद भी व्यक्त करे।