अनियंत्रित रेत से भरी ट्रॉली ने मारी टक्कर, बिना ड्राइवर स्टार्ट होकर मकान की तरफ भागा ट्रैक्टर

सीहोर। जिले के इछावर क्षेत्र में अवैध रेत के कारोबार और रेत माफिया की मनमानी के कारण राहगीरों और स्थानीय निवासियों की जान पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में हाईवे पर रेत माफिया के आतंक का एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रेत से भरी एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सडक़ किनारे खड़ी एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी।
यह भिड़ंत इतनी भीषण थी कि टक्कर लगते ही खड़ी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अपने आप स्टार्ट हो गई। बिना ड्राइवर के यह ट्रैक्टर गडग़ड़ाते हुए सीधे सामने स्थित एक रिहायशी मकान की ओर तेजी से बढऩे लगा। बिना चालक के दौड़ते ट्रैक्टर को मकान की तरफ आता देख मौके पर मौजूद लोगों के हाथ-पांव फूल गए और अफरा तफरी मच गई।
खंभे ने बचाई मासूमों और परिवार की जान
गनीमत रही कि मकान की दीवार से टकराने से ठीक पहले यह बेकाबू ट्रैक्टर बीच में आए एक बिजली के खंभे से टकराकर रुक गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बीच में यह खंभा न होता तो ट्रैक्टर सीधे मकान की दीवारें और दरवाजा तोड़ते हुए अंदर घुस जाता, जिससे घर के भीतर मौजूद लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
नियमों को ठेंगा दिखा रहे तेज रफ्तार वाहन
बता दें इछावर नगर के नागरिक लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। नगर के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजारों से चौबीसों घंटे रेत से भरे ओवरलोड डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अत्यंत तेज रफ्तार से गुजरती हैं। नियमानुसार रिहायशी और बाजारों वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति बेहद धीमी होनी चाहिए, लेकिन इन ड्राइवरों को न तो पुलिस का डर है और ना ही यातायात नियमों की परवाह। इसी अंधाधुंध रफ्तार के कारण इछावर क्षेत्र में पहले भी कई लोग सडक़ हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं।
आंदोलन की चेतावनी
ताजा घटना के बाद स्थानीय निवासियों में प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मूक सहमति और गठजोड़ के कारण ही रेत माफिया के हौसले बुलंद हैं। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन अवैध और तेज रफ्तार वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक नहीं लगाई या इनकी गति को नियंत्रित नहीं किया तो इछावर की जनता सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।



