
सीहोर। शासकीय प्रधानमंत्री एक्सीलेंस पीजी कॉलेज में बुधवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन पर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान और नियमों को दरकिनार कर एबीवीपी को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए गए।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज प्राचार्य रोहिताश्व शर्मा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इशारे पर काम कर रहे हैं और कॉलेज में खुली राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने प्राचार्य कक्ष से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हटवा दी है, जो संविधान निर्माता का सीधा अपमान है। सिसोदिया ने कहा कि एनएसयूआई कार्यकर्ता बाबा साहेब का यह अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्राचार्य स्वयं पूर्व में एबीवीपी के छात्र नेता रहे हैंए जिसके चलते वे कॉलेज परिसर में लगातार राजनीतिक माहौल बना रहे हैं।
परीक्षा हॉल में भंडारा
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता यश यादव ने कहा कि कॉलेज के परीक्षा हॉल को किसी संगठन विशेष के निजी कार्यक्रम और भंडारे के लिए दिया जाना नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। इसके साथ ही उन्होंने बाबा साहेब डॉण् भीमराव अंबेडकर के नाम पर बनी कॉलेज की सेंट्रल लाइब्रेरी को परीक्षा कक्ष में तब्दील किए जाने का कड़ा विरोध किया। छात्र नेताओं का कहना है कि सेंट्रल लाइब्रेरी विद्यार्थियों के अध्ययन और ज्ञान का प्रमुख केंद्र है। इसके मूल स्वरूप और उद्देश्य के साथ खिलवाड़ करना सीधे तौर पर छात्रों के हितों के साथ समझौता है।
कॉलेज परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई के पूर्व जिला उपाध्यक्ष ग्यासी यादव, विष्णु मालवीय, रुद्र वर्मा, अभिषेक मालवीय, नैन्सी, नितिन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाबा साहेब के सम्मान की रक्षा और कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने की मांग की।