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फर्जी दस्तावेजों के जरिए दिलाते थे होमलोन, भैरूंदा पुलिस ने किया गिरोह का खुलासा

भैरूंदा स्थित एविओम फाइनेंस कंपनी का फर्जीवाड़ा

सीहोर। जिले की भैरूंदा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए होमलोन दिलाने वाली एक एविओम फाइनेंस कंपनी के फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए आरोपियों को पकड़ा है। ये लोग ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिवों की फर्जी सील, साइन कराकर पहले दस्तावेज तैयार करते थे और फिर उन दस्तावेजों के आधार पर ग्रामीणों को ऋण बांटते थे। ग्राम पंचायतों द्वारा शिकायत के बाद फाइनेंस कंपनी के भैरूंदा स्थित कार्यालय पर एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत, थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने छापामार कार्रवाई की थी और वहां से कई दस्तावेजों को जप्त करके उनकी छानबीन की तो परत-दर-परत एविओम फाइनेंस कंपनी की कारगुजारियां सामने आती गईं।

सरपंचों की शिकायत के बाद सामने आया फर्जीवाड़ा-
जानकारी के अनुसार इस मामले में 16 मई 2024 को फरियादी खंड पंचायत के अधिकारी अशोक कुमार ने भैरूंदा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गिल्लौर, सीगांव, छिदगांव मौजी, पलासीकलां, इटावाखुर्द, राला, सिराली, लाचौर सहित कई अन्य पंचायतों के सरपंच, सचिवों की फर्जी सील से दस्तावेज तैयार करके एविओम फाइनेंस कंपनी द्वारा होमलोन बांटे गए हैं। एविओम इंडिया हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के लोन अधिकारी हर्ष परमार तथा कंपनी के अन्य लोगों द्वारा होमलोन दिलाने के लिए फर्जी तरीके से ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव की फर्जी सील तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर कर आमजन को होमलोन दिया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्र. 245/24 धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई जांच-
इस मामले में पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देश पर एएसपी गीतेश गर्ग व एसडीओपी भैरूंदा दीपक कपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घनश्याम दांगी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इसके बाद आरोपी हर्ष परमार पिता पुष्प परमार, योगेश उईके पिता कमलेश उईके व अन्य की तलाश हेतु टीम तैनात की गई। जांच के दौरान आरोपी हर्ष परमार निवासी किराए के मकान ऋषिनगर कालोनी भैरुंदा को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई, जिसने अपराध करना स्वीकार किया। उसने अपने बयान में अपने साथी योगेश उईके व राजा मालवीय के साथ फर्जी सील, फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी कागजात तैयार कर लोगों को लोन दिलाना भी स्वीकार किया। इसके बाद बाद आरोपी हर्ष परमार द्वारा पेश करने पर फर्जी भू-अधिकार प्रमाण पत्र बिना भरा फार्म 03, नामांतरण फार्म 03, भवन निर्माण अनुमति प्रमाण पत्र बिना भरा फार्म 03, नक्शा पार्क बिना भरा फार्म 03, अनापत्ति प्रमाण पत्र बिना भरा फार्म 03 कुल 15 कागजात विधिवत जप्त कर आरोपी हर्ष परमार को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। आरोपी योगेश उईके पिता कमलेश उईके उम्र 31 साल निवासी ग्राम गिल्लौर की तलाश करने पर उसे हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई। उसने भी अपराध करना स्वीकार किया। योगेश से पूछताछ में उसने बताया कि उसने इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज अपने घर के सामने जला दिए थे। पुलिस ने अध जले पेपर जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय ने जेल भेजने के निर्देश दिए।

सीहोर से बनवाते थे फर्जी सील –
फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए आरोपी सीहोर में सील बनवाते थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने फर्जी सील बनाने वाले आरोपी राजा मालवीय की तलाश की। सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी राजा की दुकान सीहोर में है। इसके बाद पुलिस टीम ने सीहोर पहुंचकर आरोपी राजा मालवीय को उसकी दुकान से पकड़ा। नाम, पता पूछने पर अपना नाम राजा उर्फ सुरेश मालवीय पिता किशोरलाल मालवीय उम्र 25 साल निवासी दशहरा वाला बाग सीहोर का बताया। घटना के संबंध पूछताछ करने पर अपराध करना स्वीकर कर अपनी दुकान में रखा एक एचपी कंपनी का सीपीयू जिसके अंदर हार्ड डिस्क व एसएसडी कार्ड लगा हुआ तथा एचपी कंपनी का प्रिंटर एक स्टामर मशीन (रबर की सील बनाने वाली मशीन), एक काले रंग की प्लास्टिक की एक लीटर वाली बाटल जिसके अंदर रबरसील बनाने का प्लास्टिक पेस्ट भरा हुआ, 11 रबर सील के हैंडल, हरे पीले रंग के व एक इंक सील पैड जप्त किया गया। मौके से राजा मालवीय उर्फ सुरेश पिता किशोरीलाल मालवीय उम्र 25 साल निवासी वार्ड नं. 03 दशहरा वाला बाग इंदौर नाका सीहोर को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जिसे न्यायालय ने जेल भेज दिया। प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ एवं आए साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

ऐसे करते थे फर्जी होमलोन पास-
आरोपी हर्ष परमार व योगेश उइके फाईनेंस कपंनी की आड़ में आमजन को होमलोन दिलाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव व सरंपच की फर्जी सील बनवाते थे और इसके बाद फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराकर उस पर लोगों को होमलोन देते थे। इसके ऐवज में आरोपी मोटी रकम भी वसूलते थे। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भैरूंदा निरीक्षक घनश्याम दांगी, एसआई श्यामकुमार सूर्यवंशी, एसआई राजेश यादव, रितेश तोमर, दीपक जाटव, आनंद गुर्जर, गौरीशंकर की सराहनीय भूमिका रही।

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