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सडक़ के गड्ढों से परेशान ग्रामीणों का अनोखा विरोध, गड्ढों में ही रोप दिए पौधे

सीहोर। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच इछावर विधानसभा क्षेत्र के ब्रिजिशनगर गांव से लापरवाही को उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां लगातार शिकायतों और मंत्रियों के दौरों के बाद भी जब सडक़ के जानलेवा गड्ढे नहीं भरे गए तो नाराज ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराने का एक अनोखा तरीका निकाला। ग्रामीणों ने सडक़ पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के बीच में ही पौधे रोप दिए, ताकि जिम्मेदारों की आंखें खुल सकें और राहगीरों को किसी हादसे से बचाया जा सके।
चौंकाने वाली बात यह है कि ब्रिजिशनगर गांव इछावर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां से विधायक कोई और नहीं बल्कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता और मोहन यादव सरकार में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा हैं। करण सिंह वर्मा इस क्षेत्र से 8वीं बार विधायक चुने गए हैं। इसके बावजूद उनके ही क्षेत्र की प्रमुख सडक़ खस्ताहाल स्थिति में आंसू बहा रही है।
शिविर में पहुंचे थे मंत्री, फिर भी अनदेखी
ग्रामीणों ने बताया कि बीते 13 अगस्त को गांव में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में प्रदेश की राज्य मंत्री कृष्णा गौर और खुद राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का अमला यहां पहुंचा जरूर, लेकिन बस स्टैंड के ठीक पास सडक़ पर बने ये बड़े-बड़े गड्ढे किसी जिम्मेदार को नजर नहीं आए या फिर जानकर भी नजरअंदाज कर दिए गए।
मिट्टी डालकर लीपापोती की कोशिश
मंत्रियों के दौरे और ग्रामीणों के बढ़ती नाराजगी को देखते हुए ग्राम पंचायत ने इन गड्ढों में मिट्टी डालकर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश जरूर की थी। लेकिन जैसे ही बारिश हुई पूरी मिट्टी बह गई और सडक़ की बदहाल हकीकत एक बार फिर सबके सामने आ गई। अब ये गड्ढे इतने गहरे और खतरनाक हो चुके हैं कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों का यहां से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है। आए दिन वाहन चालक असंतुलित होकर गिर रहे हैं और हादसों का शिकार हो रहे हैं।
पंचायत के पास न बजट है न समय
सडक़ की इस दुर्दशा से तंग आ चुके ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जब भी ग्राम पंचायत के चक्कर काटते हैं तो यही जवाब मिलता है कि उनके पास न तो इस बड़े निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त बजट है और न ही समय। अधिकारियों की इस लाचारी और अनदेखी से तंग आकर अंतत: ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला।
रविवार को ग्रामीणों ने बस स्टैंड के पास एकत्र होकर सडक़ पर बने गहरे गड्ढों में पौधे रोप दिए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह सडक़ ठीक नहीं हो जाती, तब तक ये पौधे वाहन चालकों को गड्ढों से सचेत करेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सडक़ का डामरीकरण या पक्का सुधार नहीं कराया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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